नई दिल्ली। वैदिक पंंचांग के अनुसार इस साल दिवाली पर कई ग्रह राशि परिवर्तन करके शुभ और राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। जिसमें ग्रहोंं के सेनापति और मंगल और व्यापार के दाता बुध का नाम शामिल है। आपको बता दें कि दिवाली पर इन दोनों ग्रहोंं की युति बनने जा रही है। इन दोनों ग्रहोंं की युति तुला राशि में बनेगी। जिससे दिवाली पर कुछ राशियों की किस्मत चमक सकती है। साथ ही इन राशियों को आकस्मिक धनलाभ के साथ तरक्की के योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं ये लकी राशियां कौन सी हैं…
धनु राशि
आप लोगों के लिए मंगल और बुध का संंयोग लाभप्रद सिद्ध हो सकता है । क्योंकि यह संयोग आपकी राशि से 11वें भाव पर बनेगा। इसलिए इस दौरान आपकी आय में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही आपको पौत्र या पुत्र की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही आपको निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। साथ ही करियर के क्षेत्र में नए मौके प्राप्त हो सकते हैं, जिससे प्रमोशन के योग बन सकते हैं। वहीं व्यापार में भी लाभ की संभावना है। साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। साथ ही इस अवधि में आपको स्टॉक मार्केट, सट्टा और लॉटरी में लाभ हो सकता है।
कन्या राशि
मंगल और बुध का संयोग कन्या राशि के जातकों को अनुकूल सिद्ध हो सकता है। क्योंकि यह संंयोग आपकी राशि से धन और वाणी के स्थान पर बनने जा रहा है। इसलिए इस समय आपको समय- समय पर आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। साथ ही व्यवसाय में नए अवसर सामने आएंगे और कोई पुराना रुका हुआ प्रोजेक्ट अब गति पकड़ सकता है। पारिवारिक जीवन में लंबे समय से चल रहा कोई विवाद सुलझ सकता है। रिश्तों में मधुरता और भरोसे का भाव बढ़ेगा। वहीं इस समय व्यापारियों को उधार धन मिल सकता है। साथ ही इस समय आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
कर्क राशि
आप लोगों के लिए मंगल और बुध ग्रह का संयोग सकारात्मक सिद्ध हो सकता है। क्योंकि यह युति आपकी गोचर कुंडली से चतुर्थ भाव पर बनने जा रही है। इसलिए इस समय आपकी सुख- सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। साथ ही आप वाहन और प्रापर्टी खरीद सकते हैं। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है। साथ ही समाज में मान-सम्मान मिल सकता है। वहीं कार्यक्षेत्र में मेहनत और क्षमता की तारीफ हो सकती है। व्यवसाय में नए अवसर सामने आएंगे और कोई पुराना रुका हुआ प्रोजेक्ट अब गति पकड़ सकता है। पारिवारिक जीवन में लंबे समय से चल रहा कोई विवाद सुलझ सकता है। वहीं आपके माता के साथ संबंध मधुर रहेंगे। साथ ही पैतृक संपत्ति का सुख मिल सकता है।


























































