नई दिल्ली। धनतेरस का त्योहार 18 अक्टूबर, शनिवार को है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से दीवाली के पंचदिवसीय पर्व की शुरुआत होती है। धनतेरस का दिन शास्त्रों में अत्यंत शुभ व लाभकारी माना गया है। इस दिन धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इस दिन मां लक्ष्मी, कुबेर देवता व भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है। इस दिन कुछ चीजों का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है, जबकि कुछ चीजों के दान करने की मनाही है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन कुछ चीजों का दान करने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं और दरिद्रता घेर सकती है। जानें धनतेरस के दिन किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।
- काले रंग की वस्तुएं: हिंदू धर्म में काला रंग शुभ नहीं माना गया है। हिंदू धर्म में काले रंग की वस्तुएं राहु व शनि से संबंधित मानी गई हैं। मान्यता है कि धनतेरस के दिन काले रंग की वस्तुएं जैसे काले रंग के वस्त्र, चप्पल-जूते आदि का दान शुभ नहीं माना जाता है।
- नुकीली वस्तुएं: धनतेरस के दिन नुकीली चीजों जैसे चाकू, सुई या कैंची आदि का दान करने से बचना चाहिए। इन चीजों को संबंधों में दरार का प्रतीक माना गया है और कहा जाता है कि इन चीजों का दान करने से संघर्ष और नकारात्मकता जीवन में आता है।
- नमक और चीनी: धनतेरस के दिन नमक व चीनी का दान अशुबभ माना गया है। मान्यता है कि नमक का दान करने से आर्थिक स्थिरता कम होती है और चीनी का दान करने से धन हानि होती है।
- धन: ऐसा माना जाता है कि धनतेरस पर धन का दान करने से वित्तीय नुकसान और समृद्धि की हानि हो सकती है। धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन धन का दान करने से मां लक्ष्मी का घर पर स्थाई वास नहीं होता है।
- खाली बर्तन: धनतेरस के दिन खाली बर्तन का दान अशुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा संचार होता है और बरकत नहीं होती है।

























































