नई दिल्ली: प्रकाश का महापर्व दीपावली आज, यानी 20 अक्टूबर को पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक अमावस्या की इस पावन रात्रि को धन की देवी मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर विचरण करती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का वरदान देती हैं. इसी विशेष अवसर पर भक्तजन मां लक्ष्मी और प्रथम पूज्य भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उन्हें प्रसन्न करते हैं.
पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह माना जाता है कि जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण करके माता सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे, तब अयोध्या नगरी में अभूतपूर्व हर्ष और उत्साह का माहौल था. अपने प्रिय राजा के लौटने की खुशी में, अयोध्यावासियों ने पूरी नगरी को घी के दीपक जलाकर प्रकाशित कर दिया था. कहा जाता है कि इसी पावन और मंगलकारी घटना की स्मृति में, हर साल यह दीपों का त्योहार ‘दीपावली’ (दीपावली) के रूप में मनाए जाने की परंपरा शुरू हुई.
शुभ मुहूर्त समय विशेषता
पहला मुहूर्त (प्रदोष काल) – शाम 05 बजकर 46 मिनट से रात 08 बजकर 18 मिनट तक – संध्या काल में होने वाला यह मुहूर्त पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है.
दूसरा मुहूर्त (वृषभ काल) – शाम 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 03 मिनट तक – यह स्थिर लग्न का मुहूर्त है, जिसमें पूजा करने से मां लक्ष्मी चिरकाल तक घर में वास करती हैं.
सर्वश्रेष्ठ/सर्वोच्च मुहूर्त – शाम 07 बजकर 08 मिनट से रात 08 बजकर 18 मिनट तक – यह पूजन का सर्वोत्तम समय है, जिसमें आपको लक्ष्मी-गणेश की आराधना के लिए 1 घंटा 11 मिनट का पुण्य काल मिलेगा.
मां लक्ष्मी को करना है, तो अर्पित करें कमल का फूल
दिवाली पर अगर आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो ये छोटा-सा ऊपाय कर सकते हैं. मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित कीजिए. इसकी मदद से कई तरह संकट भी टल जाते हैं. कमल को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है और दीवाली के दिन इसे पूजा में शामिल करने से समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ता है.
दीपोत्सव पर काशी के घाट, मंदिर और घर दीपों से जगमगाए
दीपावली पर्व पर काशी (वाराणसी) में मंदिरों और घाटों को दीपों और विद्युत प्रकाश से सजाया गया है और लोगों ने अपने घरों को भी दीपों से जगमग करने की तैयारी की है. दीपावली के अवसर पर मुस्लिम महिला फाउंडेशन और विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी लम्ही स्थित सुभाष भवन में श्रीराम महा आरती का आयोजन किया गया. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम को अनेक प्रकार के रंग बिरंगे सुगन्धित पुष्पों, दीपकों और विद्युत प्रकाश से सजाया गया है, जिससे पूरा धाम जगमग हो गया है.
दिवाली पर मां लक्ष्मी को चढ़ाएं इस सफेद मिठाई का भोग
मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई का भोग लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है. दिवाली पर मां लक्ष्मी की विशेष, कृपा पाने के लिए उनको रबड़ी का भोग चढ़ाना चाहिए.

























































