नई दिल्ली : कई बार व्यापार या बिजनेस में अचानक रुकावटें आने लगती हैं. ग्राहक कम होने लगते हैं, बिक्री गिर जाती है, नुकसान होने लगता है या बार-बार बिना वजह खर्च बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति मानसिक और आर्थिक दोनों तरह के दबाव का सामना करता है. हालांकि व्यापार में नुकसान के पीछे कई कारण हो सकते हैं- गलत निर्णय, बाजार में बदलाव या किसी वित्तीय गलती की वजह. लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार कई बार नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर या किसी की ईर्ष्या का प्रभाव भी व्यवसाय को प्रभावित कर सकता है. ऐसी स्थिति में ज्योतिष में कुछ उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर व्यापार में फिर से प्रगति और लाभ लाया जा सकता है.
कैसे पहचानें कि व्यापार पर लगी है बुरी नजर?
यदि आपके काम पर नकारात्मक ऊर्जा या नजर दोष का प्रभाव हो, तो कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं. जैसे- व्यापार अचानक धीमा पड़ जाना, ग्राहक आते हुए भी खरीदारी न करना, कर्मचारियों के बीच विवाद या असहमति बढ़ना, दुकान या ऑफिस में चीजों का बार-बार खराब होना, बिना कारण आर्थिक रुकावटें आना इत्यादि. ज्योतिष अनुसार ये संकेत बताते हैं कि व्यापार नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित हो सकता है.
व्यापार को काली नजर से कैसे बचाएं?
नींबू-मिर्च उपाय- दुकान या ऑफिस के मुख्य दरवाजे पर नींबू और हरी मिर्च लगाने की परंपरा काफी पुरानी है. मंगलवार और शनिवार को यह उपाय करने से नजर दोष का प्रभाव कम होता है. नींबू-मिर्च के सूखने पर उसे बदलते रहना चाहिए.
रोजाना पूजा या ध्यान- कार्यक्षेत्र में अपने आराध्य देवता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. प्रतिदिन सुबह और शाम दीपक जलाएं. इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है, जिससे काम में बाधाएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.
कपूर और लौंग का धूप- माना जाता है कि कपूर नकारात्मक ऊर्जा को तुरंत नष्ट करता है. मंगलवार या शनिवार को कपूर में कुछ लौंग डालकर अपने दुकान या ऑफिस में जलाएं. इससे वातावरण शुद्ध होता है और ऊर्जा का प्रवाह सुधरता है.
गंगाजल का छिड़काव- यदि कार्यस्थल पर भारीपन, बेचैनी या नकारात्मकता महसूस हो तो गंगाजल का छिड़काव करें. साथ ही लोबान या धूप जलाना शुभ माना जाता है. इससे वातावरण की ऊर्जा संतुलित होती है.

























































