नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में एक नए गहरे दबाव के क्षेत्र के कारण चक्रवात ‘डिटवाह’ की आशंका जताई जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में इसका असर दिख सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब चक्रवात सेनयार के लिए मौसम विज्ञानियों ने बताया कि मलेशिया की ओर बढ़ रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार, 27 नवंबर को जानकारी दी कि दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे श्रीलंका तट पर बना गहरा दबाव का क्षेत्र अगले 12 घंटों के भीतर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।
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आईएमडी के अनुसार, यह प्रणाली 27 नवंबर को सुबह 05:30 बजे अक्षांश 6.3°N और देशांतर 82.4°E के पास केंद्रित थी। यह स्थान श्रीलंका के हंबनटोटा से लगभग 150 किलोमीटर पूर्व और बट्टिकलोआ से 170 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में है।
चक्रवात का कब दिखेगा इन तीन राज्यों मेें असर?
विभाग ने बताया कि यह मौसम प्रणाली अगले दो दिनों तक बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के आस-पास से होते हुए उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ेगी।
IMD ने जारी किया येलो और ऑरेंज अलर्ट
चेन्नई, नागपट्टिनम, तिरुवल्लूर और तंजावुर सहित तमिलनाडु के कई जिलों के लिए 27, 28 और 29 नवंबर के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं। यदि यह प्रणाली चक्रवाती तूफान में बदलती है, तो क्षेत्रीय नामकरण सूची के अनुसार इसे चक्रवात डिटवाह नाम दिया जाएगा।
क्या शांत हो गया है चक्रवात सेनयार?
इससे पहले, मलक्का जलडमरूमध्य में विकसित हुआ चक्रवात सेनयार, भारतीय क्षेत्र से दूर जाते ही कमजोर पड़ गया। आईएमडी ने बताया कि यह कार निकोबार से लगभग 850 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था और इसके एक डिप्रेशन में बदलने की उम्मीद थी।
मलेशियाई के मेटमलेशिया के महानिदेशक मोहम्मद हिशाम मोहम्मद अनिप ने कहा कि यह पहली बार है जब मलक्का जलडमरूमध्य में किसी मौसम प्रणाली ने चक्रवाती तूफान की ताकत हासिल की है। इस संकरे जलमार्ग में इससे पहले 2017 में एक उष्णकटिबंधीय डिप्रेशन देखा गया था। मलेशियाई सलाहकारों के अनुसार, यह प्रणाली 83 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ रही थी और इससे उत्तरी मलेशियाई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती थीं।


























































