नई दिल्ली। आसमान में उड़ते विमानों के लिए अब सूर्य की तेज किरणें खतरे की घंटी बन रही हैं। इससे इंडिगो और एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस के ऑपरेशन में रुकावट आ सकती है। एयरबस ने अपनी हालिया जांच में खुलासा किया है कि सूर्य से निकलने वाली तीव्र विकिरण के कारण ए320 परिवार के विमानों के उड़ान नियंत्रण प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण डेटा करप्ट हो सकता है। इस समस्या ने भारतीय विमानन क्षेत्र में हलचल मचा दी है।
सौर विकिरण से डेटा करप्ट होने का खतरा
एयरबस की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्य से आने वाली अत्यधिक सौर विकिरण की स्थिति में ए320 परिवार के विमानों के उड़ान कंट्रोल सिस्टम के डेटा में गड़बड़ हो सकती है। यह समस्या तब होती है जब सौर कणों का प्रभाव विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर पड़ता है, जिससे उड़ान के लिए आवश्यक डेटा अविश्वसनीय हो जाता है। इस घटना ने विमान संचालन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बड़े पैमाने पर सावधानी बरतने की आवश्यकता
एयरबस ने अपनी जांच के बाद पाया कि वर्तमान में सेवा में तैनात कई ए320 परिवार के विमान इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं। इस खतरे को कम करने के लिए एयरबस ने तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है। कंपनी ने सभी संचालकों को सॉफ्टवेयर अपडेट और हार्डवेयर सुरक्षा उपायों को जल्द से जल्द लागू करने का निर्देश दिया है।
एयरलाइंस के लिए अलर्ट जारी
इस समस्या से निपटने के लिए एयरबस ने विमानन प्राधिकरणों के साथ मिलकर सभी ए320 विमान संचालकों के लिए एक अलर्ट ऑपरेटर्स ट्रांसमिशन (AOT) जारी किया है। इस अलर्ट के माध्यम से संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे उपलब्ध सॉफ्टवेयर संशोधनों और हार्डवेयर सुरक्षा प्रणालियों को तुरंत लागू करें। इन उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विमान सौर विकिरण के प्रभाव से सुरक्षित रहें और सामान्य उड़ान संचालन में कोई बाधा न आए।
भारतीय एयरलाइंस पर भी पड़ेगा असर
भारत में ए320 परिवार के विमानों का उपयोग करने वाली प्रमुख विमानन कंपनियों, जिनमें इंडिगो और एयर इंडिया शामिल हैं, को इस समस्या से निपटने के लिए तत्परता बरतनी पड़ सकती है। हालांकि अभी तक किसी बड़े संचालन संबंधी व्यवधान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है, लेकिन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपडेट के कारण कुछ विमानों का रखरखाव और जांच कार्य बढ़ सकता है।

























































