नई दिल्ली: बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में पिछले दो साल में बड़ी तेजी देखी गई है. आर्थिक, रक्षा, कूटनीतिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है, जबकि इससे पहले लंबे समय तक यह संबंध स्थिर थे. खुफिया सूत्रों के अनुसार यह बदलाव तब तेज हुआ जब बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस को चीफ एडवाइजर नियुक्त किया गया. शेख हसीना के शासनकाल में ये सहयोग लगभग रुका हुआ था लेकिन जैसे ही अंतरिम सरकार के हाथ में शक्तियां आईं, माहौल ही बदल गया.
जब से मोहम्मद यूनुस ने सत्ता संभाली, तब से पाकिस्तान ने रणनीतिक रूप से अपनी लंबे समय से की गई तैयारियों को सक्रिय कर दिया. जैसे ही ढाका में भारत-समर्थित राजनीतिक नेतृत्व कमजोर हुआ, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने दोनों देशों के बीच निष्क्रिय चैनलों को फिर से सक्रिय करने में अपना दम झोंक दिया. यही वजह है कि अब कूटनीतिक और डिफेंस रिश्तों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान भी शुरू हो गई है.
ढाका-कराची के बीच सीधी उड़ान
बांग्लादेश की राष्ट्रीय एयरलाइन, सरकारी स्वामित्व वाली बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस, 29 जनवरी से ढाका और पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करेगी. यह कदम दोनों देशों के बीच एक दशक से अधिक समय के बाद सीधी हवाई कनेक्टिविटी को बहाल करेगा. बंगाली अखबार प्रथम आलो के अनुसार, शुरूआत में ये उड़ानें सप्ताह में दो बार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होंगी. हालांकि पेंच ये भी है कि ये छोटी उड़ान भारत के एयरस्पेस से होकर कराची तक जाएगी, जिस पर दिल्ली से जरूरी क्लेयरेंस लेना होगा.
आर्थिक सहयोग में उछाल
पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच वाणिज्यिक संबंधों ने इस बदलाव को सबसे ज्यादा गति दी है. साल 2023 में दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 1.5 बिलियन डॉलर था, जिसमें पाकिस्तान के रेशा, रसायन और मशीनरी का निर्यात मुख्य था. साल 2024 में पाकिस्तान का बांग्लादेश को निर्यात 778.11 मिलियन डॉलर तक पहुंचा, सिर्फ जुलाई-सितंबर 2024 में ही 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई. अगस्त से दिसंबर, 2024 तक व्यापार में फिर से 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और दिसंबर, 2025 तक साल दर साल 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. एक प्रमुख कारण सीधे समुद्री व्यापार का पुनरारंभ था. नवंबर, 2024 में पहला पाकिस्तानी मालवाहक जहाज चिट्टागोंग पोर्ट पर पहुंचा. इसके साथ ही दोनों देशों ने दो दशकों से निष्क्रिय संयुक्त आर्थिक आयोग की बैठक भी फिर से आयोजित की.
रक्षा सहयोग में मजबूती
भारत के लिए जो सबसे बड़ी चिंता है, वो रक्षा क्षेत्र और रिश्तों में आई गहराई है. इसमें पाकिस्तान के जॉइंट चीफ्स चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा की बांग्लादेश दौरा, बांग्लादेश की पाकिस्तान के AMAN-2025 नौसैनिक अभ्यास में भागीदारी और हथियारों की खरीद पर चर्चा शामिल है. बांग्लादेश, पाकिस्तान से JF-17 थंडर लड़ाकू विमान और 40,000 राउंड 155mm की तोपखाने की गोलियों की खरीद की संभावना भी शामिल है.
कूटनीतिक संपर्क में भी बूस्ट
यूनुस काल में भारत से बांग्लादेश की दूरी वजह पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक स्तर सक्रियता भी है. साल 2024 के मध्य से 2025 तक दर्जनों उच्च स्तरीय मुलाकातें हुईं, जिसमें विदेश सचिव स्तर की बैठक अप्रैल 2025 में और पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक दार का अगस्त 2025 में ढाका दौरा शामिल है. इस दौरे के दौरान छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें कूटनीतिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा छूट, व्यापारिक कार्य समूह और मानवीय सहयोग शामिल हैं. आधिकारिक दौरों की संख्या 2025 में 3,387 रही, जो 2024 में 1,950 थी. खुफिया सूत्रों का कहना है कि इस तेजी और व्यापकता से संकेत मिलता है कि यह सिर्फ सामान्य सुधार नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से रिश्तों का पुनर्निर्धारण है.

























































