नई दिल्ली: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए फरवरी का महीना बेहद खास है। दरअसल, 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (solar eclipse 2026) होगा। यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना और अंटार्कटिका के दूरदराज के हिस्से में दिखाई देगा।
सबसे खास बात यह है कि इसी दिन चीनी चंद्र नव वर्ष (Chinese Lunar New Year) भी है। 17 फरवरी को सूर्य की करीब 96 फीसदी भाग चंद्रमा ढक लेगा। सूर्य आग के छल्ले जैसा दिखेगा यानी रिंग ऑफ फायर के रूप में नजर आएगा। इस नजारे को 2 मिनट 20 सेकंड तक देखा जा सकेगा।
क्या है सूर्य ग्रहण का समय?
यह सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार के दिन लगेगा। ग्रहण शाम 5 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। इस दौरान आसमान में एक आग का छल्ला दिखाई देता है।
कब लगता है सूर्य ग्रहण?
पृथ्वी के सबसे नजदीक का सितारा सूर्य अपने स्थान पर स्थित है। सूर्य की पृथ्वी परिक्रमा करती है। चंद्रमा भी पृथ्वी की तरह सूर्य की परिक्रमा करता है, लेकिन चांद धरती का भी चक्कर लगाता है। कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य के प्रकाश को धरती पर आने से रोक देता है।
इस खोगलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है। इस खगोलीय घटना के समय जिस स्थान पर परछाई पड़ती है, वहां पर आसमान में सूर्य आधा या पूरा हिस्सा ढका नजर आएगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा।
इस सूर्य ग्रहण के दौरान धरती से चांद दूर होता है। इसकी वजह से यह सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता है। इससे आसमान में आग का गोला (नजर आता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आते हैं, तो सूर्य ग्रहण लगता है।
किन-किन देशों में नजर आएगा सूर्य ग्रहण?
17 फरवरी को लगने वाले सूर्य ग्रहण को अटार्कटिका, अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बॉब्वे में देखा जा सकता है। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा।
























































