नई दिल्ली। आज के डिजिटल होते भारत में आधार कार्ड हमारी जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना आपके कई काम अधूरे रह जाते हैं. बैंक में खाता खोलना हो या किसी सरकारी योजना का लाभ लेना हर जगह आपसे 12 अंकों वाला आधार नंबर मांगा जाता है. आधार ने लोगों की सुविधाएं जरूर बढ़ाई हैं, लेकिन इसके साथ खतरा भी बढ़ गया है.
ऐसे अगर आपका आधार गलत हाथों में लग जाएं तो आपके साथ कई प्रकार से फ्रॉड हो सकता हैं. अगर कोई आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर ले तो आपको बड़ा फटका लग सकता है. इसको देखते हुए हम यहां आपको ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप खुद देख सकते हैं कि आपका आधार कहां और किस काम के लिए इस्तेमाल हो रहा है.
आधार के इस्तेमाल पर ऐसे रखें नजर
लोगों को अक्सर लगता है कि आधार के गलत उपयोग को पकड़ा नहीं जा सकता है. लेकिन UIDAI आधार से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए खास ऑनलाइन सुविधा देती है. इस सुविधा के बारे में बहुत से लोगों को पता ही नही हैं. लेकिन UIDAI के इस फीचर में आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपने आधार से जुड़े हर रिकॉर्ड को चेक कर सकते हैं. इससे आपको अनजान या संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता चल जाएगा.
कैसे पता करें?
इसके लिए आपको किसी ऑफिस के चक्कर लगाने की कोई जरूरत नहीं है.नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर आप घर बैठे इसकी जांच कर सकते हैं.
स्टेप 1. सबसे पहले अपने फोन या लैपटॉप में myAadhaar पोर्टल खोलें.
स्टेप 2. अब अपना आधार नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें.
स्टेप 3. अब “ओटीपी से लॉगिन करें” ऑप्शन पर क्लिक करें.
स्टेप 4. लॉगिन करने के बाद “Authentication History” के ऑप्शन पर क्लिक करें. यहां आप तारीख का चयन करने के बाद देख सकते हैं कि उस दौरान आपके आधार का कहां-कहां इस्तेमाल हुआ.
हर एंट्री पर नजर डालें
जब तारीख का चयन करने के बाद आपके सामने लिस्ट खुले तो आप उसको ध्यन से देखें. अगर इसमें आपको कोई भी ऐसी एट्री मिले जिसको आप नहीं जानते हैं, तो तुरंत इसका शिकायत करें. शिकायत के लिए आप UIDAI के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1947 पर कॉल कर सकते हैं. इसके साथ ही आप help@uidai.gov.in पर ईमेल भी कर सकते हैं. क्योंकि ऐसे मामलों की आप जितनी जल्दी शिकायत करते हैं. उतने ही कम समय में समस्या को रोका जा सकता है. देर करने से आपका नुकसान बढ़ सकता है.
बायोमेट्रिक लॉक कर बढ़ाएं सुरक्षा
आधार को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए आप अपने बायोमेट्रिक डेटा को भी लॉक कर सकते हैं. बायोमेट्रिक लॉक होने के बाद कोई भी आपकी उंगली के निशान या आंखों की जानकारी का इस्तेमाल नहीं कर सकता हैं. उसके पास चाहे आपका आधार नंबर ही क्यों न हो?

























































