नई दिल्ली: साल 2026 में शनि देव मीन राशि में रहेंगे. शनि देव जब तक मीन राशि में रहेंगे, तब तक मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चलेगी. ऐसे में साढ़ेसाती के प्रभाव वाली इन राशियों को बड़ी चुनौतियों और संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है. और ये संघर्ष-चुनौती 2026 ही नहीं, बल्कि 2027 में भी जारी रहेगी. दरअसल, शनि देव जब 3 जून 2027 को मीन से मेष राशि में गोचर करेंगे, तब कुंभ राशि के जातकों को राहत जरूर मिलेगी. लेकिन मीन और मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव जारी रहेगा.
मेष राशि
- शनि की साढ़ेसाती के चलते आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है.
- कर्जों से मुक्ति पाना आपके लिए बिल्कुल आसान नहीं होगा.
- कर्ज-उधार 2027 तक आपके परेशान कर सकते हैं.
- इस दौरान आपका मानसिक दबाव बढ़ा हुआ रहेगा.
- आसान रास्तों की तलाश नुकसान की वजह बनेगी
- बदनामी या कलंक आपका पीछे नहीं छोड़ेंगे.
- पारिवारिक और निजी संबंधों में तनाव से मन अशांत रहेगा.
कुंभ राशि
- कुंभ राशि वालों को निवेश और के मामलों में बहुत सतर्क रहना होगा.
- साढ़ेसाती के प्रभाव में निवेश करना आपके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है.
- कमाई के शॉर्टकट तरीके खोजना आपको किसी मुश्किल में डाल सकता है.
- साथ ही, स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है.
- थकान या ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है.
- परिवार के सदस्यों के साथ गलतफहमी बढ़ सकती है.
मीन राशि
- मीन राशि वाले जो व्यापार करते हैं, उनके लिए समय थोड़ा कठिन हो सकता है.
- आर्थिक परेशानियां बनी रह सकती हैं.
- नया घर, जमीन या वाहन खरीदने की योजना टल सकती है.
- कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न लें, नुकसान उठाएंगे.
- प्रेम विवाह से जुड़े मामलों में अड़चनें सामने आ सकती हैं.
- स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नुकसानदेह हो सकती है.
- कार्यस्थल पर सिरदर्द महसूस होता रहेगा.
- सरकारी कामकाज में रुकावटें आएंगी.
साढ़ेसाती के उपाय
इस दौरान यदि साढ़ेसाती के प्रभाव में आपकी मुश्किलें अचानक बढ़ जाएं तो कुछ उपाय जरूर कर लें. हर शनिवार को शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर दीपक जलाएं. ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें. सामर्ध्य के अनुसार, गरीबों को दान देते रहें. मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं.

























































