नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र दिशा का एक भारतीय विज्ञान है जो प्रकृति के पांच तत्वों, ग्रहों और अन्य ऊर्जाओं को संतुलित करता है। यह कला, खगोल विज्ञान और ज्योतिष को मिलाकर सबसे लाभकारी रहने की जगह बनाने में मदद करने के लिए विचार और दिशा-निर्देश प्रदान करता है। यह रहने वालों के स्वास्थ्य, वित्त और खुशी को बढ़ाने में भी मदद करता है।
वास्तुशास्त्र में घर के हर कोने के लिए कुछ ना कुछ नियम जरूर है। शास्त्र के अनुसार घर का मुख्यद्वार सिर्फ अंदर आने का रास्ता नहीं होता है बल्कि यहीं से ऊर्जा का भी आगमन होता है। इसी जगह से घर में नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा आती है। ऐसे में इस जगह की दिशा और साफ-सफाई के साथ-साथ डेकार का सीधा-सीधा असर हमारे घर की सुख-शांति पर पड़ती है। नियम के अनुसार यहां पर कुछ चीजों को नहीं रखना चाहिए। आजकल डेकॉर के नाम पर या फिर अपने मन से लोग यहां पर कुछ भी रख देते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं है।
वास्तु के हिसाब से अगर मुख्य द्वार पर कुछ ऐसी चीज रखी गई हो जो नहीं रखनी चाहिए तो इससे मानसिक शांति में खलल पड़ती है। कई लोग मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की मूर्ति को लगा देते हैं लेकिन क्या वास्तु के हिसाब से ऐसा करना सही है या नहीं? नीचे जानें विस्तार से-
मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति लगाना शुभ या अशुभ?
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। किसी भी पूजा-पाठ और मांगलिक काम में सबसे पहले उनको ही पूजते हैं लेकिन वास्तु के हिसाब से उनकी मूर्ति को मुख्य द्वार पर रखना सही नहीं होता है। बहुत से ऐसे लोग हैं जो घर के मुख्यद्वार के बाहर ऊपर की ओर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर लगाते हैं। दरअसल भगवान गणेश की पीठ में दरिद्रता और आगे की ओर रिद्धी-सिद्धी का वास माना जाता है।
ऐसे में अगर मुख्यद्वार के बाहर गणेश जी की मूर्ति लगाई गई है तो इसका साफ मतलब है कि दरिद्रता घर के अंदर प्रवेश करेगी और रिद्धी-सिद्धी बाहर की ओर जा रही हैं। शास्त्र के हिसाब से भगवान गणेश की मूर्ति को घर में अंदर की ओर लगाना चाहिए।
रखें इन 3 बातों का ध्यान
- वास्तुशास्त्र के हिसाब से घर के मुख्यद्वार पर सुबह शाम पानी छिड़क देना चाहिए। ऐसा करने से मन हमेशा शांत रहता है और घर में खुशहाली बनी रहती है।
- मुख्यद्वार की सफाई नियमित रूप से करनी जरूरी है। साथ ही शाम के समय यहां पर रोज एक दीया जरूर जलाना चाहिए। इससे घर में मौजूद नेगेटिविटी बाहर चली जाती है।
- वास्तुशास्त्र के नियम के हिसाब मुख्यद्वार को हमेशा बंद करके रखना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मेनडोर पर किसी भी तरह की दरार और छेद ना हो।

























































