नई दिल्ली। ईरान, अमेरिका-इजरायल युद्ध गुरुवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गया। इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल आपूर्ति पटरी से उतर गई। देशों में एलपीजी-एनपीजी सहित तेल की किल्लत होने लगी है। ऑयल टैंकरों पर बुधवार रात ईरान के हमलों के बाद यह संकट और बड़ा हो गया है। वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल के दाम प्रति बैरल 100 डॉलर को छू गए हैं। कच्चे तेल के दाम रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार 100 डॉलर तक पहुंचे हैं।
इस चुनौती और समस्या से निपटने के लिए दुनिया भर के देशों ने कदम उठाना शुरू कर दिया है। तेल एवं ईंधन की खपत रोकने वाले कदम उठाए गए हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कच्चे तेल में हुई वृद्धि को थोड़े समय के लिए बताया है। उन्होंने कहा है कि कीमते जल्द 100 डॉलर के नीचे आ जाएगी। ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ‘अल्पकालिक तेल कीमतें, जो ईरान के परमाणु खतरे के खत्म होने पर तेजी से गिर जाएंगी, अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा और शांति के लिए चुकाने वाली बहुत छोटी कीमत है।’
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्य पूर्व के हालात यदि जल्द स्थिर नहीं हुए तो क्रूड ऑयल के दाम जल्द ही प्रति बैरल 150 डॉलर तक पहुंच जाएंगे। इससे देशों में महंगाई बढ़ेगी जिसका बोझ आम जनता को उठाना होगा। तेल के बढ़े हुए दाम से होने वाले नुकसान को कम करने और ईंधन आपूर्ति बहाल रखने के लिए सरकारों ने अपने यहां एहतियातन कदम उठाए हैं।
भारत- अन्य मार्गों से ईंधन का आयात
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से मालवाहक जहाजों के नहीं गुजरने के बाद भारत वैकल्पिक मार्गों के जरिए अपनी आपूर्ति मंगाने लगा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का कहना है कि तेल की आपूर्ति स्थिर है। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा, ‘होर्मुज मार्ग को छोड़कर अन्य रास्तों से तेल का आयात का आयात हो रहा है। देश में लोगों की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं। भारत की स्थिति परेशान होने वाली नहीं है। इस बारे में चिंतित होने और अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है।’ वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को बताया कि महंगाई के खतरे को नियंत्रण में रखा जा सकता है क्योंकि घरेलू कीमतें अपने निचले स्तर पर हैं।
चीन-घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने का निर्देश
चीन, जो अपने कच्चे तेल का लगभग 57 प्रतिशत पश्चिम एशिया से आयात करता है, उसने रिफाइनरियों को घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने प्रमुख रिफाइनरियों से डीजल और पेट्रोल के निर्यात को रोकने और पहले से तय किए गए शिपमेंट को रद्द करने की कोशिश करने को कहा है। हालांकि यह निर्देश अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए जेट ईंधन या हांगकांग और मकाऊ के लिए भेजी जाने वाली आपूर्ति पर लागू नहीं होगा।
जापान-आपातकालीन योजनाएं तैयार कर रहा
मध्य पूर्व के तेल पर अत्यधिक निर्भर जापान आपातकालीन योजनाएं तैयार कर रहा है। देश अपने कच्चे तेल का लगभग 95 प्रतिशत पश्चिम एशिया से आयात करता है और करीब 70 प्रतिशत तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। रॉयटर्स के अनुसार, अधिकारी राष्ट्रीय तेल भंडार जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। विपक्षी सांसद अकीरा नागात्सुमा ने कहा कि सरकार ने तेल भंडारण सुविधाओं को संभावित आपूर्ति बाधा की स्थिति में भंडार जारी करने की तैयारी करने का निर्देश दिया है।
दक्षिण कोरिया- घरेलू ईंधन कीमतों पर लगेगा कैप
दक्षिण कोरिया भी उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए आपात कदम उठा रहा है। राष्ट्रपति ली जे म्योंग ने कहा कि सरकार करीब 30 साल में पहली बार घरेलू ईंधन कीमतों पर सीमा (कैप) लगाएगी। अधिकारी वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की तलाश कर रहे हैं और 100 ट्रिलियन वोन (लगभग 67 अरब डॉलर) के बाजार स्थिरीकरण कार्यक्रम का विस्तार करने पर भी विचार कर रहे हैं।
बांग्लादेश-ईंधन खरीद पर राशनिंग लागू
बांग्लादेश में अधिकारियों ने ऊर्जा बचाने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। देशभर में विश्वविद्यालय अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं और ईंधन खरीद पर राशनिंग लागू की गई है। मोटरसाइकिल चालकों को अब प्रति टैंक अधिकतम दो लीटर पेट्रोल लेने की अनुमति है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने कहा कि यह कदम घबराहट में अधिक खरीद (पैनिक बाइंग) को रोकने के लिए उठाया गया है। सरकार ने विदेशी पाठ्यक्रम वाले स्कूलों और निजी कोचिंग संस्थानों से भी बिजली बचाने के लिए संचालन रोकने को कहा है।
पाकिस्तान- वर्क-फ्रॉम-होम
पड़ोसी पाकिस्तान ईंधन खपत कम करने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन कक्षाओं पर विचार कर रहा है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के अनुसार, देश के पास फिलहाल करीब 25 दिनों का पेट्रोल और डीजल भंडार और लगभग 10 दिनों का कच्चे तेल का भंडार है। कीमतें बढ़ने के साथ ही पेट्रोल पंपों पर घबराहट में खरीदारी शुरू हो चुकी है।
वियतनाम-आयात पर टैरिफ खत्म करने की योजना
वियतनाम में सरकार घरेलू बाजार को स्थिर करने के लिए ईंधन आयात पर टैरिफ खत्म करने की योजना बना रही है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि प्रस्तावित आदेश के तहत कुछ पेट्रोलियम उत्पादों पर आयात कर शून्य किया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि व्यवधान जारी रहा तो वैकल्पिक तेल आपूर्ति प्राप्त करना कठिन हो सकता है।
इंडोनेशिया-ईंधन सब्सिडी बढ़ाने की योजना
इंडोनेशिया आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए ईंधन सब्सिडी बढ़ाने की योजना बना रहा है। सरकार ने 381.3 ट्रिलियन रुपिया (लगभग 22.5 अरब डॉलर) ईंधन सब्सिडी और राज्य ऊर्जा कंपनियों जैसे पर्टामिना तथा बिजली प्रदाता PLN को मुआवजा देने के लिए आवंटित किए हैं।
फिलीपींस-चार दिन का कार्य सप्ताह लागू
फिलीपींस ने ईंधन खपत कम करने के लिए सरकारी विभागों में चार दिन का कार्य सप्ताह लागू किया है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने सरकारी एजेंसियों को ईंधन और बिजली उपयोग में 10 से 20 प्रतिशत कटौती का निर्देश दिया है। पेट्रोल पंपों पर कतारें बढ़ने के बीच अधिकारियों ने जमाखोरी के खिलाफ चेतावनी भी दी है।
म्यांमार-ईंधन राशनिंग शुरू
म्यांमार में सैन्य सरकार ने ईंधन राशनिंग शुरू कर दी है। निजी वाहनों को अब लाइसेंस प्लेट नंबर के आधार पर एक दिन छोड़कर सड़क पर चलने की अनुमति दी जा रही है। यांगून में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और सीमित बिक्री देखी गई है।
G7 देश-आपातकालीन तेल भंडार होगा जारी
तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के बाद G7 देशों के वित्त मंत्रियों ने आपातकालीन तेल भंडार जारी करने पर चर्चा की। कई देशों, जिनमें अमेरिका भी शामिल है, ने इस कदम का समर्थन किया है। ये भंडार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के तहत सामूहिक रूप से रखे जाते हैं और संकट गहराने पर वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए जारी किए जा सकते हैं।

























































