नई दिल्ली: ईरान जंग की वजह से एलपीजी का संकट है, लेकिन सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि हर किसी को गैस जरूर मिलेगी. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, हालात अभी भी चिंताजनक हैं, लेकिन सुधार तेजी से हो रहे हैं. अगर आपको गैस चाहिए तो ऑनलाइन बुकिंग का इस्तेमाल करें और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास लाइन में लगने के बजाय घर पर सिलेंडर पहुंचने का इंतजार करें. सरकार यह भरोसा दे रही कि हर किसी के घर सिलेंडर जरूर पहुंचेगा. साथ ही सरकार ने राज्यों के लिए एक ‘बड़ा ऑफर’ भी पेश किया है.
सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी की स्थिति पर सरकार की पैनी नजर है. राहत की बात यह है कि अब 93 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन या डिजिटल माध्यमों से हो रही है, जबकि केवल 7% बुकिंग ही मैनुअल तरीके से की जा रही है. मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा कि डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास अभी भी लोग लंबी-लंबी कतारें लगा रहे हैं, जिसकी जरूरत नहीं है. आप ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद अपने घर पर प्रतीक्षा करें; गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी. कल तक जो डिलीवरी रेट 53 प्रतिशत था, वह अब बढ़कर लगभग 81 प्रतिशत तक पहुंच गया है. किसी भी प्रकार की कालाबाजारी रोकने के लिए तेल कंपनियों ने 2300 डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां छापेमारी की है.
बुकिंग के आसान और डिजिटल विकल्प
कमर्शियल उपभोक्ता क्या करें
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकार ने कमर्शियल उपयोग के लिए भी व्यवस्था की है, ताकि एलपीजी की मांग के दबाव को कम किया जा सके. सभी राज्यों को कमर्शियल एलपीजी की आंशिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई है. लगभग 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी कर दिए हैं. इनमें बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तराखंड प्रमुख हैं.
एलपीजी पर से दबाव कम करने के लिए मिट्टी के तेल और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों को भी सक्रिय किया गया है. अब तक 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे- बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मणिपुर, तमिलनाडु, यूपी, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल आदि) ने मिट्टी के तेल के आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं.
राज्यों को सरकार का ‘बड़ा ऑफर’
- देश को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर ले जाने के लिए सरकार ने राज्यों को एक बड़ा प्रस्ताव दिया है. जो राज्य एलपीजी से पीएनजी के लॉन्ग-टर्म ट्रांजिशन में मदद करेंगे, उन्हें 10% अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी का आवंटन किया जाएगा. इस 10% अतिरिक्त कोटे को चार अलग-अलग सुधारों के आधार पर बांटा गया है.
- 1% अतिरिक्त आवंटन: यदि राज्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) के आवेदनों को मंजूरी देने और शिकायतों के निवारण के लिए राज्य और जिला स्तरीय समितियों का गठन करते हैं.
- 2% अतिरिक्त आवंटन: यदि राज्य CGD अनुमतियों को ‘डीम्ड’ (स्वतः स्वीकृत) मानने के आदेश जारी करते हैं.
- 3% अतिरिक्त आवंटन: यदि राज्य CGD संस्थाओं के लिए डिग एंड रीस्टोर स्कीम लागू करते हैं तो उन्हें 3 फीसदी ज्यादा गैस दी जाएगी.
- 4% अतिरिक्त आवंटन: यदि राज्य पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वार्षिक रेंटल या लीज शुल्क (Annual rental/lease charges) को कम करते हैं.

























































