भुवनेश्वर। परिवार में शांति और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए कोरापुट जिला, नारायणपाटना प्रखंड के तेंतुलीपदर गांव की महिलाओं ने बड़ा फैसला लिया है।
50 से अधिक जागरूक महिलाओं ने संकल्प लिया है कि गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाएगा। इसके तहत शराब, गुटखा, सिगरेट, गांजा और भांग जैसे किसी भी नशे का सेवन करने वालों के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति नशा कर गांव में घुसने की कोशिश करेगा, उसे तुरंत बाहर कर दिया जाएगा। साथ ही गांव में चल रहे नशे के कारोबार को भी पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है।
बेरोजगारी के चलते नशे की गिरफ्त में युवा
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि बेरोजगारी के चलते गांव के युवा नशे की ओर बढ़ रहे हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार न मिलने से कई युवक घर पर बैठे हैं और गलत रास्ता अपना रहे हैं।
इसका सीधा असर परिवारों की शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। मेहनत की कमाई नशे में बर्बाद हो रही है और स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर दिख रहा है। स्थिति को गंभीर देखते हुए महिलाओं ने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।
शराब बेचने वाले दुकानदारों पर होगी सख्त कार्रवाई
उन्होंने एलान किया है कि जो भी नशा करेगा, उसे गांव के बाहर रहना होगा। इसके साथ ही शराब बेचने वाले दुकानदारों को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि वे तुरंत यह कारोबार बंद करें।
आगे की रणनीति के तहत महिलाएं बारी-बारी से गांव की निगरानी करेंगी और नशा करने वालों पर कड़ी नजर रखेंगी। इस पहल की सरपंच रवि मांडिंगी ने भी सराहना करते हुए इसे गांव के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है।

























































