देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी जमीनों पर बनी धार्मिक सरंचनाओं को चिन्हित करने के बाद उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार की जा रही है. इस क्रम में ऊधम सिंह नगर में किच्छा व सितारगंज विधानसभा अंतर्गत दो अलग अलग जगहों पर वन विभाग व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने पुलिस सुरक्षा के बीच आज सुबह तड़के वन विभाग की जमीन पर बनी दो मजारों को ध्वस्त कर दिया.
इस मामले में वन विभाग का कहना है कि दोनों मजारों पर दो महीने पहले ही नोटिस चस्पा कर अपना पक्ष रखने को कहा था. नोटिस में संबंधित मजारों को भूमि संबंधित अभिलेख दिखाने को कहा गया था लेकिन, वो लोग अपना पक्ष नहीं रख पाए, जिसके बाद वन विभाग की ओर से आज ये कार्रवाई की गई है.
नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई
अब तक बगारी संख्या में अवैध सरंचनाओं क़ो ध्वस्तीकरण करने के बाद सरकारी भूमि क़ो कब्जा मुक्त करते हुए संबंधित सरकारी विभाग ने अपने कब्जे में लिया है. इसी क्रम में ऊधम सिंह नगर जनपद के किच्छा विधानसभा व सितारगंज विधानसभा सभा अंतर्गत वन विभाग की सरकारी भूमि पर बनाई गई दो अवैध मजारों को भारी पुलिस बल के साथ सोमवार तड़के ध्वस्त कर दिया गया.
इस दौरान वन विभाग, जिला प्रशासन व पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद रही. वन विभाग ने ध्वस्तीकरण की कारवाई करने से दो माह पहले यहां नोटिस चस्पा किया था और भूमि संबंधी दस्तावेज भी दिखाने को कहा था.
अवैध संरचनाओं पर चला प्रशासन का बुलडोज़र
विदित हो कि इस मामले में डीएफओ हिमांशु बागड़ी ने जिला प्रशासन को अवगत कराया है कि किच्छा विधानसभा के पुलभट्टा फारेस्ट रेंज व सितारगंज वन क्षेत्र डोला फॉरेस्ट रेंज में अवैध रूप से बनाई गई है. इन दोनों अवैध रचनाओं के विषय में नोटिस जारी किए गए थे जिसका जवाब इनके खादिमों द्वारा दो माह तक नहीं दिए जाने के बाद ये कार्रवाई की गई.
प्रशासन की टीम ने इन मजारों को ध्वस्त करते हुए मलबा जंगल से हटा दिया है. उत्तराखंड सरकार लगातार प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है. धामी सरकार अभी तक ऐसी 577 अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कर चुकी है.

























































