नई दिल्ली। एकादशी का व्रत सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से मनुष्य के पाप ही नहीं, बल्कि जीवन में लगे हुए अनेक श्राप भी समाप्त हो जाते हैं। इस बार वरुथिनी एकादशी का पर्व 13 अप्रैल को माना जाएगा। एकादशी तिथि 14 अप्रैल को खत्म होगी।
वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा की जाती है। इस साल वरुथिनी एकादशी तिथि की शुरुआत 13 अप्रैल से 14 अप्रैल की मध्य रात 1:08 बजे होगा। ऐसे में वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को रखा जाएगा। यह अप्रैल माह का पहला एकादशी व्रत होगा।
किन चीजों को एकादशी व्रत में नहीं खाया जाता है
एकादशी के व्रत में अनाज नहीं खाा जाता है। इस दिन चावल भी नहीं खाए जाते हैं। दरअसल ऐसा कहा जाता है कि ये हैवी फूड हैं और इन्हें खाकर आपको नींद आती है, जिसके कारण आप प्रभु भक्ति में नहीं लग पाते हैं। एकादशी में पूरे दिन भगवान का ही ध्यान करना होता है। बीन्स, दाल, मटर भी इस व्रत में नहीं खाई जाती है। दरअसल इनको डाइजेस्ट करना मश्किल होता है।
इस व्रत में कैफीन, चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स भी नहीं लेने चाहिए। इस दिन सात्विक भोजन करना चाहिए। आप फलाहार भी कर सकते हैं। तुलसी जी की इस दिन पूजा की जाती है, इसलिए इस दिन तुलसी के पत्ते बिलकुल न तोड़ें। मांस, मछली, प्याज, लहसुन, तामसिक वस्तुओं से दूर रहें। इस दिन बाल भी नहीं धोए जाते हैं।
क्यों रखा जाता है वरुथिनी एकादशी व्रत
जो लोग एकादशी का व्रत करता है वो शरीर से तो शुद्ध होता ही है साथ मन से भी शुद्ध होता है। इससे आपको आत्मिक शांति मिलती है। आको बता दें कि एकादशी व्रत का महात्मय श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर और शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सुनाई थी। राजा परीक्षित को श्राप मिला था , जिसके कारण सात दिनों का जीवन शेष था। ये उनका आखिरी समय था, इसिलए वो मोह-माया को त्यागकर सत्य को जानना चाहते थे। तब शुकदेव जी ने उन्हें भगवान की भक्ति, धर्म, और मोक्ष का मार्ग समझाने के लिए यह कथा सुनाई, जिससे परीक्षित जी ने अपने अंतिम समय को सार्थक बनाते हुए भगवान के चरणों में अपना मन लगा दिया।
इस बार 13 अप्रैल को वरूथिनी एकादशी मनाई जाएगी और व्रत का पारण 14 अप्रैल को किया जाएगा।
- वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 13 अप्रैल को रात 01 बजकर 16 मिनट पर
- वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का समापन- 14 अप्रैल को रात 01 बजकर 08 मिनट पर

























































