नई दिल्ली। भारतीय रेलवे अपने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखता है। भारतीय रेलवे में गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए विशेष कोटा चलता है, लेकिन इसके लाभ से जुड़े नियमों को लेकर अक्सर यात्रियों में भ्रम रहता है। ट्रेन में ऊपरी या बीच की बर्थ पर चढ़ना गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम भरा और कष्टदायक होता है, इसीलिए रेलवे ने उनके लिए ‘लोअर बर्थ कोटा’ का प्रावधान किया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर बर्थ सुरक्षित करने वाला यह विशेष कोटा ऑनलाइन टिकट बुकिंग या आईआरसीटीसी एप पर उपलब्ध ही नहीं है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर ही टिकट बुक करना होगा। इसके अलावा, पात्रता साबित करने के लिए डॉक्टर से प्रमाणित मेडिकल दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। आइए इस लेख में समझते हैं कि गर्भवती महिला के लिए लोअर बर्थ का टिकट कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
काउंटर से टिकट बुकिंग है अनिवार्य
- आप मोबाइल या लैपटॉप से टिकट बुक करते समय गर्भवती महिला कोटा का विकल्प नहीं पाएंगे, यह सिर्फ ऑफलाइन उपलब्ध है।
- लोअर बर्थ की गारंटी के लिए आपको अपने नजदीकी रेलवे रिजर्वेशन सेंटर (PRS) के काउंटर पर ही जाना होगा।
- टिकट फॉर्म भरते समय आपको स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति का उल्लेख करना होगा ताकि क्लर्क आपको सही कोटा दे सके।
जरूरी दस्तावेज और वेरिफिकेशन
डॉक्टर का सर्टिफिकेट – इस कोटे का लाभ लेने के लिए आपको किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर द्वारा प्रमाणित मेडिकल सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी जमा करनी होगी।
पहचान पत्र – आधार कार्ड या किसी अन्य सरकारी आईडी के साथ मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी अटैच करना कानूनी रूप से जरूरी है।
सत्यापन प्रक्रिया – काउंटर पर मौजूद रेलवे कर्मचारी आपके दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही लोअर बर्थ आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
सीट मिलने की उपलब्धता और शर्तें
- रेलवे में गर्भवती महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोअर बर्थ की संख्या सीमित होती है, इसलिए बुकिंग जल्दी करना फायदेमंद है।
- यह सुविधा पूरी तरह से सीट की उपलब्धता पर टिकी है, अगर कोटा खाली है, तभी आपको निचली बर्थ मिल पाएगी।
सफर के दौरान ध्यान रखें ये बातें
- टिकट मिलने के बाद भी सफर के दौरान डॉक्टर का असली पर्चा और सर्टिफिकेट अपने पास रखें ताकि टीटीई (TTE) को दिखा सकें।
- अगर किन्हीं कारणों से काउंटर पर सीट नहीं मिली, तो ट्रेन में टीटीई से अनुरोध कर सकते हैं, हालांकि यह उनकी दयालुता पर निर्भर है।
- रेलवे के इन नियमों का पालन करके आप गर्भावस्था के दौरान ऊपरी बर्थ पर चढ़ने की परेशानी से बच सकते हैं और सुरक्षित सफर कर सकते हैं।

























































