नई दिल्ली। खेती में मेहनत जितनी जरूरी होती है, उतना ही बड़ा जोखिम भी किसानों को उठाना पड़ता है. कभी मौसम फसल खराब कर देता है तो कभी जंगली जानवर खेतों में घुसकर महीनों की मेहनत बर्बाद कर देते हैं. ऐसे में अब किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने बताया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में अब जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान और ज्यादा बारिश से खेतों में जलभराव के कारण खराब हुई फसलों को भी शामिल किया जाएगा. यानी अब किसानों को ऐसे नुकसान पर भी मुआवजा मिल सकेगा, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी.
अब किन नुकसान की मिलेगी भरपाई?
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, अगर जंगली जानवर किसानों की फसल खराब करते हैं तो उसका भी किसानों को बीमा कवर मिलेगा. इसके अलावा अगर भारी बारिश की वजह से खेतों में पानी भर जाता है और फसल खराब हो जाती है, तो वह नुकसान भी योजना में शामिल होगा. यह नई सुविधा खरीफ 2026 सीजन से लागू की जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे देशभर के हजारों किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और खेती में होने वाले बड़े नुकसान से उन्हें राहत मिल सकेगी.
नुकसान होने पर कैसे करें क्लेम?
नए नियमों के अनुसार, अगर किसी किसान की फसल जंगली जानवरों या जलभराव से खराब होती है तो उसे 72 घंटे के भीतर इसकी जानकारी देनी होगी. इसके लिए किसान फसल बीमा ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं. साथ ही खेत की जियो-टैग फोटो भी अपलोड करनी होगी, ताकि नुकसान की सही जांच हो सके. इसके बाद अधिकारी मौके की जांच करेंगे और नियमों के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा. सरकार ने यह भी साफ किया है कि किन जंगली जानवरों को इस योजना में शामिल किया जाएगा और किन जिलों में यह लागू होगा, इसका फैसला राज्य सरकारें करेंगी.
किसानों के लिए क्यों खास है यह फैसला?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित हो सकता है. खासकर उन किसानों के लिए, जिनकी फसलें अक्सर नीलगाय, जंगली सूअर या भारी बारिश की वजह से खराब हो जाती हैं. अब उन्हें पूरा नुकसान अकेले नहीं झेलना पड़ेगा. सरकार का कहना है कि किसानों की सुरक्षा और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार योजनाओं में सुधार किए जा रहे हैं. ऐसे में यह नई व्यवस्था खेती को थोड़ा सुरक्षित और किसानों को ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

























































