नई दिल्ली। बारिश का यह मौसम हमें सुकून तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है. मॉनसून के दौरान हवा में मॉइस्चर बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है, जिसकी वजह से जर्म्स, बैक्टीरिया और वायरस भी काफी तेजी से बढ़ने और फैलने लग जाते हैं। इसके अलावा, मॉइस्चर की वजह से हमारा डाइजेशन कमजोर पड़ जाता है और साथ ही हमारी इम्युनिटी यानी कि शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत भी कमजोर होने लगती है. यही एक बड़ी वजह है कि अगर हम बारिश के मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही करते हैं, तो हमें सर्दी-जुकाम, बुखार, पेट खराब होना या फिर स्किन इन्फेक्शन जैसी प्रॉब्लम्स काफी आसानी से हो सकती हैं.
अगर आप इस मॉनसून सीजन में अपनी सेहत को खराब होने से बचाकर रखना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल को लास्ट तक जरूर पढ़ें. आज हम आपको कुछ ऐसी आसान और छोटी-छोटी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप अपनी डेली लाइफ में शामिल कर लें, तो खुद को कई तरह की सीरियस प्रॉब्लम्स से बचाकर रख सकते हैं. ये काम या आदतें बहुत ही ज्यादा आसान हैं और इन्हें आपको पूरे हफ्ते में सिर्फ एक बार ही करना है. तो चलिए, इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.
घर और आसपास की अच्छी तरह सफाई करना
बारिश के इस मौसम में घर के कोनों में, छतों पर या फिर गमलों में पानी का भर जाना एक बहुत ही नॉर्मल बात है. लेकिन यही थोड़ा-सा जमा हुआ पानी कई तरह की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. अगर आप खुद को बीमारियों और अन्य प्रॉब्लम्स से बचाकर रखना चाहते हैं, तो हफ्ते में एक दिन समय निकालकर घर के गमलों, कूलर, छत पर पड़े कबाड़ और बाल्टियों में जमे पुराने पानी को फेंक दें और इन्हें अच्छे से साफ करके सुखा लें. जब आप ऐसा करते हैं, तो डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों को पनपने का मौका नहीं मिलता है और आपका घर-परिवार कई तरह की गंभीर समस्याओं से बचा रहता है.
गर्म पानी से भाप लेना भी है जरूरी
मॉनसून के दौरान मौसम में बार-बार बदलाव होता है. कभी तेज धूप निकलती है तो कभी अचानक से बारिश होने लगती है. मौसम में इसी बदलाव की वजह से सर्दी, जुकाम, गले में खराश और नाक बंद होने जैसी समस्याएं बहुत ही तेजी से बढ़ने लग जाती हैं. अगर आप इस प्रॉब्लम से बचे रहना चाहते हैं, तो हफ्ते में कम से कम एक बार एक बर्तन में पानी उबालकर, सिर पर तौलिया ढककर उस गर्म पानी की भाप को 5 से 10 मिनट तक सांस के जरिए अंदर खींचें. भाप लेने से आपकी सांस की नली एकदम साफ हो जाती है, बंद नाक खुलती है और चेहरे के पोर्स खुलने से स्किन भी साफ होती है.
तुलसी और अदरक का काढ़ा या हर्बल भी जरूरी
बारिश के मौसम में हमारा पेट यानी कि डाइजेशन थोड़ा कमजोर पड़ जाता है और साथ ही इम्युनिटी भी कम होने लगती है. अगर आप अपने शरीर को अंदर से मजबूत बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए हफ्ते में कम से कम एक दिन एक बर्तन में पानी भरकर उसमें तुलसी के पत्ते, थोड़े से अदरक के टुकड़े, काली मिर्च और एक लौंग डालकर अच्छे से उबाल लें. जब यह पानी उबलकर आधा रह जाए, तो इसे चाय की तरह बिल्कुल ही धीरे-धीरे पिएं. यह देसी काढ़ा आपके शरीर के अंदर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और सीजनल इन्फेक्शन से लड़ने तथा इम्युनिटी को मजबूत बनाने में भी आपकी मदद करता है.
कपड़ों और जूतों को अच्छे से सुखाना और हवा दिखाना
बारिश की वजह से अक्सर हमारे कपड़े और जूते सही से और अच्छी तरह से सूख नहीं पाते हैं. ऐसा होने की वजह से उनमें हल्का सा मॉइस्चर या फिर सीलन रह ही जाती है. अगर आप इस तरह के गीले कपड़े पहनते हैं, तो आपकी स्किन में खुजली और फंगल इन्फेक्शन जैसी प्रॉब्लम्स का होना शुरू हो जाता है. इस प्रॉब्लम से बचे रहने के लिए हफ्ते में जब भी थोड़ी भी धूप निकले, तो अपने जूतों, अलमारी में रखे कपड़ों, तौलियों और बेडशीट को जरूर सुखाएं. अगर धूप नहीं निकली है, तो सभी चीजों को पंखे की तेज हवा में सुखाना भी फायदेमंद हो सकता है. धूप और हवा लगने से कपड़ों में छिपे फंगस और बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म हो जाते हैं और आपकी स्किन एकदम सेफ रहती है.
गर्म तेल से सिर और पैरों की मसाज करना
बारिश के दिनों में कई लोगों को शरीर में सुस्ती, थकावट या फिर जोड़ों में हल्का दर्द महसूस होने की समस्या रहती है. अगर आपके साथ भी ऐसा ही होता है, तो हफ्ते में कम से कम एक बार नारियल या फिर सरसों के तेल को थोड़ी देर गर्म करके उससे सिर की अच्छे से चंपी करें और साथ ही पैरों के तलवों की 5 से 10 मिनट मसाज भी करें. जब आप मसाज करते हैं, तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और साथ ही पूरे हफ्ते की थकावट और मेंटल स्ट्रेस भी दूर हो जाता है. यह छोटा सा उपाय रात को एक गहरी और बेहतर नींद पाने में आपकी मदद करता है.

























































