राउरकेला। ओडिशा की प्रमुख औद्योगिक नगरी राउरकेला ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहरा कर पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जारी किए गए प्रतिष्ठित ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026’ में राउरकेला ने देश के 130 प्रमुख शहरों को पछाड़ते हुए अपना लोहा मनवाया है।
तीन से दस लाख की जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में राउरकेला ने पूरे भारत में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल शहर के समग्र विकास तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि सूक्ष्म स्तर पर भी प्रशासन ने बेहतरीन काम किया है।
यही वजह है कि 10 हजार से कम आबादी वाले विशेष वर्ग में राउरकेला के वार्ड नंबर 13 ने भी पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वच्छता के क्षेत्र में एक नया मापदंड स्थापित किया है।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में एक भव्य एवं विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामय राष्ट्रीय मंच पर सुंदरगढ़ जिले के जिलाधिकारी डॉ. शुभंकर महापात्र और राउरकेला महानगर निगम की तेजतर्रार आयुक्त सुश्री धीना दस्तगीर ने राउरकेला का प्रतिनिधित्व करते हुए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण किया। पुरस्कार प्राप्त करते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देश के 130 शहरों को शामिल कर इस महत्वपूर्ण सर्वेक्षण का आयोजन किया गया था। इस अभियान के तहत राउरकेला को ‘राष्ट्रीय स्वच्छ वायु शहर’ के रूप में मान्यता मिली है।
शहर ने ‘सभी के लिए स्वच्छ वायु’ के मूल मंत्र को जमीनी स्तर पर उतारते हुए वायु प्रदूषण की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया। प्रशासन की दूरदर्शी सोच, कड़े प्रशासनिक कदम और आम जनता की सक्रिय भागीदारी के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था।
यह शानदार कामयाबी पूरे राउरकेला और ओडिशा राज्य के लिए एक अप्रतिम गौरव का विषय है। राउरकेला की यह ऐतिहासिक सफलता देश के अन्य औद्योगिक शहरों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है, जो यह साबित करती है कि अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो औद्योगिक विकास और स्वच्छ पर्यावरण दोनों को एक साथ साधा जा सकता है।






















































