नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए हॉस्टल की कमी को दूर करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है. विश्वविद्यालय और उसके कॉलेजों में हॉस्टल क्षमता को तेजी से बढ़ाया जा रहा है. विश्वविद्यालय स्तर पर मौजूदा 3,422 हॉस्टल सीटों में 3,922 नई सीटें जोड़ी जा रही हैं. इसके बाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में कुल 7,344 सीटें हो जाएंगी. इसी तरह कॉलेजों में मौजूदा 3,788 सीटों के मुकाबले 1,622 नई सीटें बढ़ाई जा रही हैं. इससे कॉलेजों की हॉस्टल क्षमता 5,410 सीट हो जाएगी. दोनों को मिलाकर डीयू और उसके कॉलेजों में कुल 12,754 हॉस्टल सीटें होंगी.
चार-पांच वर्षों में दोगुने से ज्यादा बढ़ेगी क्षमता
डीयू प्रशासन के अनुसार, विश्वविद्यालय स्तर पर पिछले करीब 100 वर्षों में 3,422 हॉस्टल सीटें थीं. अब नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यह संख्या 7,344 तक पहुंचने जा रही है. यानी विश्वविद्यालय स्तर पर ही हॉस्टल सीटों में 3,922 की बढ़ोतरी होगी. प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल क्षमता बढ़ाने पर पिछले चार-पांच वर्षों से ध्यान दिया गया है. निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूरा होने के साथ विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं का दायरा पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगा.
कॉलेजों में 1,622 नई सीटें होंगी
हॉस्टल विस्तार की योजना केवल विश्वविद्यालय के अपने हॉस्टलों तक सीमित नहीं है. डीयू के विभिन्न कॉलेजों में भी नई आवासीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. कॉलेजों में फिलहाल कुल 3,788 हॉस्टल सीटें हैं. इसमें 1,622 सीटों की बढ़ोतरी की जा रही है. इसके बाद कॉलेजों में कुल 5,410 सीटें होंगी. इस तरह विश्वविद्यालय और कॉलेज दोनों स्तरों पर हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे बाहर से दिल्ली आकर पढ़ने वाले छात्रों को आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
ढाका कॉम्प्लेक्स में 1,450 सीटों का आईओई हॉस्टल
डीयू के ढाका कॉम्प्लेक्स में 1,450 सीटों वाले इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (आईओई) हॉस्टल का निर्माण चल रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक यह परियोजना जल्द पूरी होने वाली है. इसके शुरू होने से बड़ी संख्या में छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में रहने की सुविधा मिल सकेगी. इसके अलावा महिला छात्रों के लिए 1,000 सीटों वाला निर्भया रेजीडेंशल अकोमोडेशन भी निर्माणाधीन है. वहीं, 1,050 सीटों वाले स्टूडियो अपार्टमेंट का निर्माण भी किया जा रहा है. इन परियोजनाओं के अलावा विश्वविद्यालय में अन्य हॉस्टल प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है.
कई नए हॉस्टल प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित
डीयू प्रशासन की योजना आने वाले समय में हॉस्टल क्षमता को और बढ़ाने की है. इसके लिए निकट भविष्य में कई नई हॉस्टल परियोजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा. विश्वविद्यालय की ओर से सरकार के पास भी जल्द कई नए प्रोजेक्ट प्रस्तावित किए जाने की तैयारी है. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नई परियोजनाओं के जरिए छात्रों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ा जा सकेगा.
कॉलेजों को नए हॉस्टल की संभावनाएं तलाशने के निर्देश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों से अपने-अपने संस्थानों में छात्रों के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करने को कहा है. जिन कॉलेजों में हॉस्टल निर्माणाधीन हैं, वहां निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने और छात्रों को जल्द सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है. इसके साथ ही कॉलेजों को नए हॉस्टल बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके लिए कॉलेजों को अपने यहां उपलब्ध स्थान, जमीन की स्थिति, सरकारी योजनाओं और छात्रों की जरूरतों का आकलन करने को कहा गया है.
























































