भुवनेश्वर। राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ (OMFED) ने किसानों से खरीदे जाने वाले दूध के मूल्य में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इससे ओडिशा के तीन लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसानों को फायदा होगा।
आगामी 11 सितंबर से दूध के खरीद मूल्य में प्रति लीटर 2 रुपये की वृद्धि लागू कर दी जाएगी। इस फैसले से राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों की आय में प्रत्यक्ष सुधार देखने को मिलेगा।
उपभोक्ताओं की जेब पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
ओएमएफईडी के इस निर्णय की सबसे खास बात यह है कि किसानों को अधिक भुगतान मिलने के बावजूद आम उपभोक्ताओं की जेब पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
संस्था ने स्पष्ट किया है कि दूध के खुदरा बाजार मूल्य (Retail Price) में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। यानी ग्राहकों को वर्तमान दर पर ही गुणवत्तापूर्ण दूध मिलता रहेगा।
प्रतिदिन 7 लाख लीटर दूध का संग्रहण
वर्तमान में ओएमएफईडी प्रतिदिन औसतन सात लाख लीटर दूध का संग्रहण करता है। राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालकों को प्रोत्साहित करने और उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में खुलेंगे पार्लर
ओएमएफईडी अपने विपणन (मार्केटिंग) नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार कर रहा है। राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े परिसरों में शुद्ध दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल कॉलेजों, जिला मुख्यालय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में विशेष पार्लर खोले जाएंगे।
500 नए ओएमएफईडी पार्लर स्थापित करने की योजना
संस्था ने राज्यभर में 500 नए पार्लर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस पहल से न केवल आम जनता को डेयरी उत्पाद आसानी से मिलेंगे, बल्कि महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीद मूल्य में वृद्धि और बिक्री नेटवर्क के विस्तार से ओडिशा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा राज्य में दुग्ध क्रांति को नया आयाम मिलेगा।
























































