नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में अपनी शानदार और आक्रामक खेल शैली का एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रोमांचक अंदाज में जीत दर्ज की है. इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत में लड़खड़ाने के बाद जिस तरह से पारी को संभाला, वह वाकई काबिले तारीफ रहा. स्कोरबोर्ड पर 181 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा करने और अंततः मैच जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने के पीछे कई अहम मोड़ और खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन शामिल है. आइए जानते हैं उन 3 बड़े कारणों के बारे में, जिनकी बदौलत टीम इंडिया ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में अहम बढ़त बनाई.
भारतीय पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और पावरप्ले तथा उसके तुरंत बाद के ओवरों में टीम के अनुभवी और युवा बल्लेबाज सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए. संजू सैमसन (Sanju Samson) 14 रन, अभिषेक शर्मा 27 रन, और युवा वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) मात्र 4 रन बनाकर आउट हो गए. कप्तान श्रेयस अय्यर भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और सिर्फ 7 रन बनाकर चलते बने. स्कोर एक समय पर काफी चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया था, जहां से टीम को एक मजबूत वापसी की सख्त जरूरत थी.
जब भारत के शुरुआती चार विकेट जल्दी गिर चुके थे और रन गति भी धीमी पड़ गई थी, तब मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी संभाली. अक्षर पटेल ने थोड़ा सहयोग करते हुए 11 रन बनाए, लेकिन असली मोड़ तब आया जब क्रीज पर युवा विस्फोटक बल्लेबाजों की जोड़ी जमी. इस मुश्किल परिस्थिति से टीम को बाहर निकालने का पूरा जिम्मा तिलक वर्मा (Tilak Varma), नमन धीर (Naman Dhir) और नीतीश रेड्डी (Nitish Reddy) ने अपने कंधों पर उठाया.
बाएं हाथ के प्रतिभाशाली बल्लेबाज तिलक वर्मा ने इस मैच में अपनी क्लास और परिपक्वता का शानदार नमूना पेश किया. उन्होंने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा और अंत तक नाबाद रहते हुए मात्र 26 गेंदों पर आक्रामक अंदाज में 51 रनों की शानदार पारी खेली. उनकी इस पारी में 6 बेहतरीन चौके और 1 गगनचुंबी छक्का शामिल रहा. उनका स्ट्राइक रेट 196.15 का रहा, जिसने कीवी गेंदबाजों के होश उड़ा दिए और भारत को एक सम्मानजनक तथा मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई.
नमन धीर ने क्रीज पर कदम रखते ही अपने इरादे साफ कर दिए और आते ही बड़े शॉट लगाने शुरू किए. उन्होंने न्यूजीलैंड के अनुभवी गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए महज 17 गेंदों पर ताबड़तोड़ 31 रनों की बहुमूल्य पारी खेली. उनकी इस छोटी लेकिन बेहद प्रभावशाली पारी में 1 चौका और 3 शानदार छक्के शामिल रहे, जिससे उनका स्ट्राइक रेट 182.35 का रहा। नमन की इस विस्फोटक पारी ने बीच के ओवरों में रुकी हुई रन गति को तेजी से आगे बढ़ाया.
पारी के अंतिम क्षणों में नीतीश कुमार रेड्डी ने क्रीज पर आकर मैच का पासा पूरी तरह से भारत के पक्ष में पलट दिया. उन्होंने अंत तक नाबाद रहते हुए सिर्फ 13 गेंदों पर धुआंधार 26 रन क कूट डाले.नीतीश की इस पारी में 1 चौका और 1 छक्का शामिल रहा, और उनका स्ट्राइक रेट पूरे 200.00 का रहा. उनके इस धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत ही भारत आखिरी ओवरों में तेजी से रन बटोरने में सफल रहा और स्कोर 181 रन तक पहुंच गया.
शुरुआती ओवरों में जहां भारतीय पारी की रन गति काफी धीमी और दबाव भरी थी, वहीं आखिरी के कुछ ओवरों में तिलक वर्मा, नमन धीर और नीतीश रेड्डी की तिकड़ी ने रन रेट को पूरी तरह से रफ्तार दे दी. स्थिति यह हो गई कि भारत ने निर्धारित 19.5 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 181 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया, और पूरी पारी का औसत रन रेट बढ़कर 9.13 प्रति ओवर पर पहुंच गया.
न्यूजीलैंड की ओर से गेंदबाजी में मिचेल सेंटनर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट जरूर चटकाए और जैकब डफी तथा नाथन स्मिथ को भी 1-1 सफलता मिली, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने खासकर डेथ ओवरों में उनकी रणनीति को नाकाम कर दिया. सेंटनर के अलावा अन्य कीवी गेंदबाजों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों ने बड़े शॉट्स खेले, जिससे गेंदबाजों के लाइन और लेंथ बिगड़ गए और रन बनाना आसान हो गया.
इस मैच में कीवी गेंदबाजों द्वारा दी गई अतिरिक्त रनों की मदद भी भारत के लिए काफी मददगार साबित हुई. कुल 10 अतिरिक्त रन स्कोरबोर्ड में जुड़े, जिसमें 2 लेग बाई, 5 वाइड और 3 नो-बॉल शामिल थीं। टी20 जैसे छोटे और रोमांचक प्रारूप में इस तरह के अतिरिक्त रन विपक्षी टीम पर मानसिक दबाव बनाते हैं और बल्लेबाजी कर रही टीम को थोड़ा अतिरिक्त संबल प्रदान करते हैं.
इस रोमांचक और शानदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने सीरीज में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है और बढ़त हासिल कर ली है. मुश्किल परिस्थितियों से उबरकर इस तरह की जीत दर्ज करना टीम के खिलाड़ियों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचा देता है. आने वाले मुकाबलों के लिहाज से यह जीत भारतीय टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त देगी और युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ाएगी.






















































