नई दिल्ली। चीन ने अंतरिक्ष में अपनी सैन्य निगरानी की ताकत बढ़ा ली है. अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के पास 510 से ज्यादा सैन्य निगरानी सैटेलाइट हैं. साल 2018 के मुकाबले इनकी संख्या तीन गुना से भी ज्यादा हो गई है. इन सैटेलाइट की मदद से चीन दूसरे देशों के सैन्य ठिकानों, युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों पर नजर रख सकता है. इससे चीन को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सैन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सकती है.
चीन के सभी सैटेलाइट एक जैसे नहीं हैं. कुछ जमीन की तस्वीरें लेते हैं, कुछ रडार की मदद से बादलों के बीच भी निगरानी कर सकते हैं और कुछ इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल से जुड़ी जानकारी जुटाते हैं. इनसे मिलने वाली जानकारी से चीन को दूसरे देशों की सेना की गतिविधियों को समझने में मदद मिलती है.
30 मिनट में दुनिया के किसी भी हिस्से की तस्वीर लेने का दावा
अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का सैटेलाइट नेटवर्क दुनिया के किसी भी हिस्से की तस्वीर 30 मिनट या उससे कम समय में लेने की क्षमता रखता है. इससे चीन कम समय में किसी जगह की तस्वीर हासिल कर सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वह हर जगह पर लगातार नजर रख सकता है.
इन तस्वीरों की मदद से चीन जमीन पर मौजूद सैन्य ठिकानों, समुद्र में चल रहे जहाजों और लड़ाकू विमानों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा सकता है. युद्ध जैसी स्थिति में यह जानकारी काफी अहम हो सकती है. इससे सेना को यह समझने में मदद मिल सकती है कि विरोधी देश की सेना कहां मौजूद है और क्या कर रही है.
अमेरिका के युद्धपोतों पर भी नजर
चीन की इस बढ़ती ताकत का असर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में खास तौर पर पड़ सकता है. इस इलाके में दक्षिण चीन सागर, ताइवान के आसपास का समुद्री क्षेत्र और हिंद महासागर शामिल हैं. यहां अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सेनाएं भी सक्रिय रहती हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के सैटेलाइट अमेरिकी विमानवाहक पोतों, युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों की जानकारी जुटाने में मदद कर सकते हैं. इस जानकारी का इस्तेमाल सेना अपनी योजना बनाने के लिए कर सकती है. इससे चीन को दूसरे देशों की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलती है.
चीन क्यों बढ़ा रहा है अपनी अंतरिक्ष ताकत?
चीन पिछले कई सालों से अंतरिक्ष में अपनी ताकत बढ़ा रहा है. वह सिर्फ वैज्ञानिक काम और संचार के लिए ही नहीं, बल्कि सैन्य जरूरतों के लिए भी सैटेलाइट का इस्तेमाल कर रहा है. अमेरिकी स्पेस फोर्स के मुताबिक, चीन ऐसी तकनीक भी तैयार कर रहा है, जिससे दूसरे देशों के सैटेलाइट के काम में रुकावट डाली जा सकती है या उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है.
इससे पता चलता है कि चीन अंतरिक्ष को अपनी सैन्य ताकत का अहम हिस्सा बना रहा है. चीन के पास 510 से ज्यादा सैन्य निगरानी सैटेलाइट होना उसकी बढ़ती अंतरिक्ष ताकत को दिखाता है. इनकी मदद से उसे दूसरे देशों की सैन्य गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है. इससे अमेरिका और चीन के बीच अंतरिक्ष में भी मुकाबला बढ़ सकता है. आने वाले समय में सैटेलाइट की मदद से निगरानी करना देशों की सुरक्षा और सैन्य योजना के लिए और भी अहम हो सकता है.























































