भुवनेश्वर। ओडिशा में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की लैंडफॉल प्रक्रिया पूरी हो गई है। चक्रवात के प्रभाव से राज्य में अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर आठ जिलों से करीब 28 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने बुधवार को बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और प्रभावित जिलों में राहत एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तैनात हैं।
मीडिया को जानकारी देते हुए पाटिल ने बताया कि प्रशासन ने शुरुआत में करीब 48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई थी। हालांकि, अब तक लगभग 28 हजार लोगों को स्थानांतरित किया गया है। इनमें 2,200 से अधिक गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बारिश की तीव्रता बढ़ने पर स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार अन्य लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
विशेष राहत आयुक्त के अनुसार, चक्रवात की लैंडफॉल प्रक्रिया बुधवार तड़के दो बजे शुरू हुई और सुबह आठ बजे तक करीब छह घंटे में पूरी हुई। इस दौरान चक्रवात काफी समय तक लगभग एक ही स्थान पर बना रहा। इसके बाद यह अपने पूर्वानुमानित मार्ग पर आगे बढ़ते हुए राज्य के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम के बुधवार शाम तक मलकानगिरि जिले पहुंचने और इसके बाद कमजोर होकर अवदाब में बदलने की संभावना है।
बारिश की स्थिति के बारे में विशेष राहत आयुक्त ने बताया कि गंजाम जिले में बहुत भारी और गजपति जिले में भारी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, मीडिया ब्रीफिंग के समय तक मलकानगिरि और कोरापुट जिलों में बारिश की सूचना नहीं मिली थी। रायगड़ा सहित कुछ अन्य जिलों में भी उल्लेखनीय वर्षा दर्ज नहीं की गई थी। पिछले 24 घंटों के दौरान मोहना ब्लॉक में 182 मिलीमीटर और पारलाखेमुंडी में 140 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
उन्होंने बताया कि चक्रवात के दौरान कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हुआ। हालांकि, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और अग्निशमन सेवा की टीमों ने तत्काल कार्रवाई कर सड़कों से पेड़ हटाए और यातायात बहाल कराया। पाटिल ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित जिलों में अधिकारियों और राहत दलों की तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं और परिस्थितियों के अनुसार आगे कदम उठाए जाएंगे।























































