नई दिल्ली। इस साल की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक ‘बंटवारा 1947’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म में प्रीति जिंटा ने आठ वर्षों के बाद बॉलीवुड में वापसी की है। ओपनिंग डे पर फिल्म के कलेक्शन के शुरुआती आंकड़े सामने आने लगे हैं। आइए जानते हैं इस फिल्म ने पहले दिन कितना कलेक्शन किया है?
‘बंटवारा 1947’ का पहले दिन का कलेक्शन
सनी देओल की अदाकारी वाली फिल्म ‘बंटवारा 1947’ ने आज यानी पहले दिन खबर लिखे जाने तक बॉक्स ऑफिस पर 1.82 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। यही इसका कुल कलेक्शन भी है। देर रात इन आंकड़ों में इजाफा हो सकता है। पहले दिन का कलेक्शन देखकर कहा जा सकता है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में जैसा उत्साह था, वह सिनेमाघरों में नहीं दिखा है। हालांकि अगले दो दिन छुट्टी है। उम्मीद है कि फिल्म इन दो दिनों में अच्छा कलेक्शन करेगी।
‘बंटवारा 1947’ ने किसका रिकॉर्ड तोड़ा?
- इस फिल्म से पहले सनी देओल ‘इक्का’ में नजर आए थे।
- इस फिल्म ने पहले दिन कुल 1.45 करोड़ रुपये कमाए थे।
- उससे पहले उनकी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने पहले दिन 30 करोड़ रुपये की ओपनिंग ली थी।
- वहीं ‘जाट’ ने 9.50 करोड़ रुपये कमाए थे।
- उससे पहले रिलीज हुई ‘गदर 2’ ने पहले दिन शानदार ओपनिंग करते हुए 40.10 करोड़ रुपये कमाए थे।
- इससे पहले सनी देओल ‘चुप’ में नजर आए थे, जिसने 3.06 करोड़ रुपये कमाए थे।
- इस तरह से देखें तो ‘बंटवारा 1947’ ने ‘इक्का’ का रिकॉर्ड तोड़ा है।
फिल्म की स्टारकास्ट
‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल और प्रीति जिंटा के अलावा शबाना आजमी, अली फजल, करण देओल, अभिमन्यु सिंह और खुशी हजारे जैसे कलाकार हैं। इसके निर्देशक राजकुमार संतोषी हैं। इसे आमिर खान प्रोडक्शंत के बैनर तले बनाया गया है। फिल्म की कहानी राजकुमार संतोषी और असगर वजाहत ने लिखी है। फिल्म की कहानी असगर वजाहत की किताब ‘जिस लाहौर नी वेख्या, ओ जमया नई’ पर आधारित है।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म में दिखाया गया है कि 1947 में दंगे भड़क चुके हैं। हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बंटवारे के बीच सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) अपने परिवार- हमीदा बेगम (प्रीति जिंटा) और जावेद मिर्जा (करण देओल) के साथ लाहौर पहुंचते हैं। रहने के लिए उन्हें एक बड़ी हवेली मिलती है। लेकिन एक पेंच है। उस घर में दुर्गावती देवी (शबाना आजमी) अभी रहती हैं। उनका परिवार बिछड़ चुका है और वह अपने बेटे रतनलाल के लौटने का इंतजार कर रही हैं। वह घर छोड़ने से साफ मना कर देती हैं। बस, यहीं से असली खेल शुरू होता है।
























































