नई दिल्ली। सावन का महीना कई पवित्र त्योहार लेकर आता है, और इनमें नाग पंचमी का बहुत बड़ा महत्व है. साल 2026 में नाग पंचमी का यह पावन पर्व 17 अगस्त को मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवता और भगवान शिव की पूजा की जाती है. चूंकि नागों को भोलेनाथ का आभूषण माना जाता है, इसलिए इनकी पूजा करने से भगवान शिव भी बहुत प्रसन्न होते हैं.
लेकिन शास्त्रों में इस दिन कुछ खास नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है. अगर आप नाग पंचमी के दिन कुछ गलतियां करते हैं, तो इससे नाग देवता नाराज हो सकते हैं . आपके जीवन में परेशानियां आ सकती हैं. आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से 5 काम बिल्कुल नहीं करने चाहिए:
जमीन की खुदाई न करें
सांपों का घर जमीन के अंदर यानी बिलों में होता है. इसलिए नाग पंचमी के दिन गलती से भी जमीन नहीं खोदनी चाहिए. इस दिन खेत जोतना, मिट्टी खोदना या घर की नींव रखना शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि इससे जमीन के अंदर रहने वाले जीवों को चोट पहुंच सकती है.
लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन लोहे से जुड़े काम करने से बचना चाहिए. इस दिन घर में लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल न करें और न ही चूल्हे पर तवा चढ़ाएं. ऐसा करने से नाग देवता नाराज हो सकते हैं. इसकी जगह आप दूसरे बर्तनों का उपयोग कर सकते हैं.
सुई-चाकू जैसी धारदार चीजें काम में न लें
इस दिन सिलाई-बुनाई करने से बचना चाहिए. साथ ही चाकू, कैंची या सुई जैसी धारदार और नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना भी अच्छा नहीं माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में रुकावटें और परेशानियां बढ़ सकती हैं.
सांपों को नुकसान न पहुंचाएं
नाग पंचमी का दिन जीवों पर दया दिखाने और उनकी रक्षा करने का दिन है. इस दिन भूलकर भी किसी सांप को तंग न करें, न ही उसे नुकसान पहुंचाएं. अगर आपको कहीं सांप दिख जाए, तो उसे भगाने या मारने के बजाय दूर से ही हाथ जोड़ लें. किसी भी बेकसूर जीव को सताना पाप माना जाता है.
मांस-मदिरा या तामसिक भोजन न खाएं
सावन का महीना वैसे भी पवित्र माना जाता है. नाग पंचमी के दिन तो पूरी तरह से सादगी रखनी चाहिए. इस दिन भूलकर भी मांस, मदिरा, प्याज या लहसुन जैसी चीजें नहीं खानी चाहिए. इस दिन शुद्ध और सात्विक भोजन ही करना चाहिए ताकि घर में सुख-शांति बनी रहे.
पूजा कैसे करें?
नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें. घर के दरवाजे पर नाग देवता की तस्वीर लगाएं या गोबर से चित्र बनाकर उनकी पूजा करें. नाग देवता को दूध, फूल और अक्षत (चावल) चढ़ाएं. ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है , कुंडली के दोष दूर होते हैं.

























































