नई दिल्ली। भारतीय तीरंदाजी दल ने नाइजीरिया के लागोस में U-23 कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 17 पदक अपने नाम किये। पुरुष और महिला व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने 4 स्वर्ण, 4 रजत और 9 कांस्य पदक जीते। यह अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग सर्किट में भारत के सबसे सफल अभियानों में से एक रहा।
भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता की सभी छह व्यक्तिगत स्पर्धाओं में अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय तलवारबाजी संघ के बयान के अनुसार, भारत ने सेबर, फॉइल और ईपी श्रेणियों की सभी छह व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कम से कम एक पदक जरूर जीता। इससे भारतीय दल की गहराई और तकनीकी क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुरुष सेबर में भारत का पोडियम स्वीप
पुरुष सेबर स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पोडियम की चारों जगहों पर उनका कब्जा रहा। निखिल वाघ ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि लक्ष्य बादसर ने रजत पदक अपने नाम किया। अश्विनी आर्य और लैशराम मोरंबा ने कांस्य पदक जीते। इस तरह पुरुष सेबर में भारत ने स्वर्ण, रजत और दोनों कांस्य पदक अपने नाम कर प्रतियोगिता में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
फॉइल और ईपी में भी भारतीय खिलाड़ियों का जलवा
पुरुष फॉइल में तेजस पाटिल ने रजत पदक जीता, जबकि हेमाश सनासम ने कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में इंग्लैंड के ओलिवर ने स्वर्ण पदक जीता। पुरुष ईपी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। लोकेश वेमानी ने रजत पदक जीता, जबकि शौर्य अश्विनी और गॉडविन एंकेस ने कांस्य पदक अपने नाम किए। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक नाइजीरिया के थॉम्पसन ने जीता।
महिला खिलाड़ियों ने भी दिखाया दम
महिला वर्ग में भी भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और तीन में से दो स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किये। महिला फॉइल में जॉयस आशिता ने स्वर्ण पदक जीता। उनकी भारतीय साथी कनागलक्ष्मी ने रजत पदक अपने नाम किया। महिला ईपी में प्राची लोहान ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत को एक और शीर्ष स्थान दिलाया। इस स्पर्धा में निवेद्या नायर और अनुप्रिया ने कांस्य पदक जीते। वहीं, महिला सेबर में जेफरलिन ने स्वर्ण पदक हासिल किया। आखरी ने रजत, जबकि श्रेया गुप्ता ने कांस्य पदक जीता।
युवा फेंसर्स के लिए बड़ी उपलब्धि
भारतीय दल के इस प्रदर्शन से न केवल प्रतियोगिता में भारत की पदक तालिका मजबूत हुई, बल्कि इससे देश में तीरंदाजी की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी सामने आई। सभी छह व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पोडियम हासिल करना भारतीय खिलाड़ियों की निरंतर प्रगति और मजबूत प्रतिभा पूल का संकेत है।
बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने मिलकर इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का व्यापक कायाकल्प किया है। जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई आलोचना हुई थी।

























































