कानपुर। पनकी धाम रेलवे स्टेशन का 4.27 बजे पंजाब के जालंधर से वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण किया। प्रयागराज मंडल के तीन अमृत भारत स्टेशनों पनकी धाम फतेहपुर और विंध्याचल को उन्होंने जनता को सौंपा गया।
तीन प्लेटफार्म वाले पनकीधाम इस स्टेशन को अमृत भारत योजना के तहत चयनित किया गया था। पनकी स्थित हनुमान मंदिर को ध्यान में रखते हुए इस स्टेशन को विकसित करने की योजना बनाई गई थी। 24.94 करोड़ की लागत से इस स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर सांसद रमेश अवस्थी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, मंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहीं। कार्यक्रम में करीब 1000 लोग भी मौजूद रहे।
कानपुर के पनकी धाम स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया गया है। स्टेशन का नया स्वरूप क्षेत्र की धार्मिक और यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रयागराज रेल मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि पनकी धाम स्टेशन के विकसित होने से भविष्य में यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
पनकीधाम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी। कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की संभावनाएं बढ़ेंगी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित फतेहपुर और विंध्याचल स्टेशन भी यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक रेल यात्रा का अनुभव देंगे।
पनकीधाम स्टेशन पर 30 ट्रेनों के ठहराव की तैयारी
पनकी धाम रेलवे स्टेशन पर अभी श्रमशक्ति और गोमती एक्सप्रेस सहित 16 ट्रेनों का ठहराव है। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए पनकी धाम रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है और लोकार्पण के बाद यहां से 30 से अधिक ट्रेनों के ठहराव की तैयारी की जा रही है। भविष्य में इस स्टेशन को टर्मिनल के भी रूप में देखा जा रहा है।
यात्रियों को ये मिलेंगी सुविधाएं
पनकीधाम स्टेशन पर डबल स्टोरी आधुनिक स्टेशन भवन, बड़ा प्रतीक्षालय, एक्जीक्यूटिव लाउंज, आधुनिक टिकटिंग क्षेत्र, विस्तारित एवं नए प्लेटफार्म शेल्टर, आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था तथा उन्नत यात्री सूचना प्रणाली विकसित की गई है। यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज तथा छह मीटर चौड़ा अतिरिक्त फुट ओवरब्रिज बनाया गया है, जिसमें रैंप और लिफ्ट जैसी सुविधाएं भी हैं। स्टेशन परिसर के 4500 वर्गमीटर क्षेत्र को सर्कुलेटिंग एरिया के रूप में विकसित किया गया है, जहां अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग, हरित क्षेत्र और बाधारहित आवागमन की व्यवस्था की गई है।


























































