नई दिल्ली। छोटी दीवाली से एक दिन पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व पंचदिवसीय उत्सव का पहला दिन माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन ही समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि हाथ में अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन उत्तम स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की कामना के लिए उनकी विशेष रूप से पूजा की जाती है।
माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का अधिक महत्व है। इस दिन प्रदोष काल में साधना करना फलदायी साबित होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस के दिन प्रदोष काल में पूजा करना क्यों शुभ माना जाता है? अगर नहीं, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।
प्रदोष काल में ही क्यों की जाती है पूजा?
सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष काल कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान धन की देवी मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और घरों में प्रवेश करती हैं। इससे घर में स्थायी सुख-समृद्धि और धन बना रहता है। इस वजह से धनतेरस के दिन प्रदोष काल में पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर संध्या के समय भगवान धन्वंतरि अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी वजह से प्रदोष काल में पूजा करना फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में साधना करने से साधक को जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं और कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
धनतेरस पर शुभ समय में ही करें पूजा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करना चाहिए। इससे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
धनतेरस 2026 तिथि और समय
- कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत- 06 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर
- कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का समापन- 07 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर
- वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार धनतेरस का पर्व 06 नवंबर को मनाया जाएगा।
धनतेरस 2026 शुभ मुहूर्त
- धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 06 बजकर 19 मिनट से 08 बजकर 17 मिनट तक
- प्रदोष काल: शाम 05 बजकर 49 मिनट से 08 बजकर 23 मिनट तक
- वृषभ काल: शाम 06 बजकर 19 मिनट से 08 बजकर 17 मिनट तक
धनतेरस 2026 खरीदारी मुहूर्त
धनतेरस के दिन आप सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दिन भर किसी भी समय खरीदारी कर सकते हैं।























































