नई दिल्ली। पाकिस्तान का मानना है कि उसे मिले चीनी जेट के मुकाबले में अमेरिकी लड़ाकू विमान पूरी तरह पिछड़ गए हैं। पाकिस्तानी एयरफोर्स के पायलट ने देश के कॉम्बैट फ्लीट में चीनी J-10C 4+ जेनरेशन फाइटर की मौजूदा स्थिति और अमेरिका से मिले F-16 की स्थिति में आई गिरावट पर यह टिप्पणी की है।
F-16 दशक की शुरुआत तक पाकिस्तान का सबसे अहम फाइटर जेट था। अब इसे पाकिस्तानी पायलट पुराना और बेकार कहने लगे हैं क्योंकि चीनी लड़ाकू विमान ज्यादा आधुनिक और बेहतर क्षमता वाले हैं। पाकिस्तान को अमेरिका से वर्षों तक मदद मिलती रही है लेकिन ऐसा लगता है कि अब इस्लामाबाद के सुर बदल रहे हैं।
मिलिट्री वॉच मैगजीन के मुताबिक, एक पाकिस्तानी ने हालिया इंटरव्यू में कहा कि चीनी J-10C जेट अमेरिका के F-16 से एक जेनरेशन आगे है। रडार, एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और खासकर PL-15 मिसाइल वेपन सिस्टम के मामले में F-16 की इससे कोई तुलना नहीं है। ऐसे में अमेरिकी जेट चीनी विमान से पिछड़ गए हैं।
J-10C और F-16, दोनों ही फाइटर सिंगल-इंजन वाले हल्के डिजाइन हैं। पाकिस्तान एयर फोर्स कोल्ड वॉर के दौर के F-16 वेरिएंट और आधुनिक F-16 ब्लॉक 50/52 वेरिएंट का इस्तेमाल करती रही है।
कैसे आगे निकला चीनी जेट
रिपोर्ट कहती है कि 2000 के दशक में चीनी JF-17 फाइटर ने F-16 की क्षमताओं की बराबरी कर ली थी। फिर 2020 के दशक की शुरुआत में JF-17 ब्लॉक 3 ने इसे पीछे छोड़ दिया, जिसके बाद और बेहतर J-10C आया। ये दोनों चीनी फाइटर ‘4+ जेनरेशन’ के एडवांस्ड एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें J-20 फिफ्थ-जेनरेशन फाइटर जैसी ही कई एवियोनिक्स और हथियारों की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।
पाकिस्तानी पायलट की रिपोर्ट से इसकी पुष्टि होती है कि 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान F-16 की क्षमताएं उसकी AIM-120C-5 एयर-टू-एयर मिसाइलों की सीमित रेंज के कारण सीमित थीं। इससे पाकिस्तान के अमेरिकी मूल के फाइटर और उसके नए चीनी लड़ाकू विमानों के बीच बढ़ता अंतर साफ दिखता है।
चीन के लड़ाकू विमान
AIM-120C-5 मिसाइल की तकरीबन 100 किलोमीटर की रेंज और पुरानी हो चुकी सीकर टेक्नोलॉजी, चीनी PL-15 मिसाइल की 300 किलोमीटर की रेंज और मॉडर्न AESA रडार सीकर के मुकाबले काफी कमजोर नजर आती है। J-10C के सर्विस में आने से पाकिस्तानी फाइटर यूनिट को काफी ज्यादा मजबूती मिली है।
चीन की फाइटर एविएशन इंडस्ट्री का रुतबा हालिया वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ा है। चीन ने वैश्विक बाजार में सीधेतौर पर फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों को चुनौती दी है। खासतौर से चीन के ‘4+ जेनरेशन’ फाइटर को सबसे पहले इस्तेमाल करने वाली पाकिस्तान वायु सेना ने दुनिया के सामने इस जेट के फायदों को बार-बार दुनिया को बताया है।

























































