राउरकेला।ओडिशा के राउरकेला में स्थित सर्किट हाउस एक बार फिर विवादों का केंद्र बन गया है। दरअसल, इस बार विवाद सर्किट हाउस में एक एडल्ट फिल्म स्टार के रूकने को लेकर है। एक्ट्रेस का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि एक्ट्रेस को सरकारी सुविधा में खास ट्रीटमेंट कैसे मिला था?
राउरकेला का सर्किट हाउस साल भर से भी कम समय के अंदर फिर से विवादों में आ गया है। महीना भर पहले इसी सर्किट हाउस से पुलिस ने सात लोगों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। अब एडल्ट फिल्म स्टार के पुराने वीडियो ने सरकारी सुविधा में उनके ठहरने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले साल सर्किट हाउस में रूकी थी एक्ट्रेस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक्ट्रेस पिछले साल 1 दिसंबर को राउरकेला पहुंची थीं। उनके ठहरने की व्यवस्था से जुड़े मामले में जांच अधिकारियों ने कम से कम तीन लोगों से पूछताछ की है। इनमें एक रिटायर्ड एसपी रैंक के अधिकारी का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि पूछताछ के बाद तीनों को पुलिस ने छोड़ दिया।
किस बात की जांच कर रही पुलिस?
पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि एक्ट्रेस के लिए सर्किट हाउस में कमरा किस प्रक्रिया के तहत बुक किया गया था? इसके अलावा बुकिंग की सिफारिश किसने की और क्या इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया था? पुलिस ने एक्ट्रेस के उस वीडियो को जांच का आधार बनाया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
क्या है एक्ट्रेस के उस वीडियो में?
करीब 5 मिनट के वीडियो में एक्ट्रेस को झारसुगुड़ा एयरपोर्ट से राउरकेला सर्किट हाउस तक के सफर के बारे में बताते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में एक्ट्रेस को कहते हुए सुना जा सकता है कि एयरपोर्ट पर उसे एक ऑडी कार लेने आई है। उस कार में कंपनी का मालिक या CEO खुद उन्हें रिसीव करने आया है। हालांकि एक्ट्रेस ने वीडियो में उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया।
वीडियो शूट करने राउरकेला आई थी एक्ट्रेस
पुलिस को अभी तक की जांच में पता चला है कि राउरकेला की एक निजी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुरोध पर स्थानीय ट्रैवल ऑपरेटर ने एक लग्जरी कार किराए पर ली थी। इसी कार से एक्ट्रेस ने सर्किट हाउस तक का सफर किया था। एक्ट्रेस ने वीडियो में बताया है कि वह एक शूटिंग प्रोजेक्ट के सिलसिले में राउरकेला आई थीं और इसे उन्होंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट बताया था।
भारत के संदर्भ में नारीवाद अभी भी एक क्लिष्ट विषय है। यह पितृसत्ता की साजिश है कि इसे आसान होने भी नहीं देना चाहती है। पितृसत्ता की यही सफलता है कि यहाँ खराब नारीवाद और अच्छा नारीवाद जैसी श्रेणियाँ भी बन गई हैं। यहाँ पहली समझ यही बना दी जाती है कि नारीवाद पुरुष विरोधी है।

























































