पुरी। पुरी जगन्नाथ मंदिर रत्नभंडार की गणना प्रक्रिया आज से शुरू हुई है। इसके लिए एक विशेष दल श्रीमंदिर में प्रवेश कर चुका है। उल्लेखनीय है कि आभूषणों की गणना के दौरान दैनिक नीतिकांति (नियमित पूजा-पद्धति) तथा भक्तों के दर्शन में कोई बाधा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए एसओपी तैयार की गई है।
रत्नभंडार के रत्न-आभूषणों की गणना के बाद वर्ष 1978 की सूची के साथ मिलान किया जाएगा। मिलान के साथ-साथ आभूषणों का वजन भी किया जाएगा। आभूषणों की पहचान के लिए 2 जेमोलॉजिस्ट नियुक्त किए जाएंगे। आभूषणों की डिजिटल फोटोग्राफी भी की जाएगी।
आभूषणों को रखने के लिए 6 संदूक तैयार
पहचान, गणना और वजन के बाद आभूषणों को 2-3 परत कपड़े में लपेटकर संदूक में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए 6 संदूक तैयार कर रखे गए हैं। सोने के आभूषण पीले रंग के कपड़े पर रखकर क्रमवार डिब्बों में रखे जाएंगे, उसके बाद संदूक में सुरक्षित किए जाएंगे।
चांदी के आभूषण सफेद कपड़े पर तथा अन्य आभूषण लाल कपड़े पर रखकर उनकी गणना की जाएगी। गणना प्रक्रिया में श्रीमंदिर के बणिया सेवक, सरकारी बैंक के अधिकारी, जेमोलॉजिस्ट तथा आरबीआई के अधिकारी शामिल रहेंगे।
मुख्य प्रशासन ने सेवायतों से सहयोग की अपील की
श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी सेवायतों, नियुक्त अधिकारियों, संबंधित व्यक्तियों तथा भक्तों से सहयोग की अपील की है।
रत्नभंडार की गणना के दौरान श्रीविग्रहों की नीतियां पूर्ववत जारी रहेंगी। अधिकृत पालिया सेवक नीतियों के संपादन के लिए जगमोहन और गर्भगृह में प्रवेश कर सकेंगे। हालांकि सुरक्षा कारणों से भीतरकाठ से सामान्य दर्शन बंद रहेगा। भक्तों को केवल बाहरी काठ के पास से ही दर्शन की सुविधा मिलेगी।

























































