जयपुर: पूर्वी राजस्थान में साइबर अपराधियों पर बुलडोजर चलाने के बाद अब हाड़ौती में संगठित अपराधियों पर पुलिस ने अलग अंदाज में शिकंजा कसा है. झालावाड़ में जयपुर विद्युत वितरण निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन ऊर्जा प्रहार’ चलाकर हिस्ट्रीशीटर और नशा माफिया तक के ठिकानों पर अब तक की बड़ी कार्रवाई की है.
अभी तक आपने पूर्वी राजस्थान में साइबर अपराधियों के ठिकानों पर बुलडोजर चलते देखा है लेकिन अब हाड़ौती में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने एक और बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है. इस बार निशाने पर रहे हिस्ट्रीशीटर और संगठित गिरोह चलाने वाले वे बदमाश जो सरकारी तंत्र को लगातार चुनौती दे रहे थे.
660 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
झालावाड़ जिले में जयपुर विद्युत वितरण निगम और जिला पुलिस ने मिलकर ‘ऑपरेशन ऊर्जा प्रहार’ चलाया है. इस दौरान 48 टीमों ने 660 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर, नशा माफिया और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज किए गए और करोड़ों की वसूली निकाली गई. झालावाड़ में जिन बदमाशों पर कार्रवाई हुई है. इनके ख़िलाफ़ नो हज़ार मुकदमे लंबित हैं. इनमे इलाके के कई हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं. ये वो नाम हैं जिन पर हत्या, मारपीट और एनडीपीएस एक्ट जैसे संगीन मामले दर्ज हैं और जो लंबे समय से पुलिस रिकॉर्ड में टॉप लिस्ट पर रहे हैं.
हिस्ट्रीशीटर्स पर एक्शन
इसके अलावा मनीष उर्फ मन्नू, प्रिंस हरिजन, अंकित जाति हरिजन, मेहफूज आलम उर्फ बंटी, सिमरान चौधरी अरशद उर्फ अयुब उर्फ चिन्टू, हकीम उर्फ मोहम्मद अनिस, शाकिर उर्फ मोनू उर्फ हांडा जैसे बदमाश भी शामिल हैं. ये सभी बदमाश झालावाड़ के हार्डकोर अपराधी माने जाते हैं. पुलिस का कहना है कि इनके संगीन आपराधिक मामलों की लंबी फेहरिस्त है और ‘ऑपरेशन ऊर्जा प्रहार’ के जरिए इनकी कमर तोड़ी गई है.
10 घंटे तक चली कार्रवाई
इस ऑपरेशन में जयपुर डिस्कॉम के 170 अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस के 350 जवान शामिल थे. गोपनीयता बनाए रखने के लिए इसमें कोटा और बारां जिले से भी टीमें बुलाई गई थीं. कार्रवाई देर रात शुरू हुई और करीब 10 घंटे तक चली. जानकारी के मुताबिक जिन अपराधियों पर यह कार्रवाई की गई उनके खिलाफ पहले से ही 9 हजार से ज्यादा प्रकरण दर्ज हैं. हाड़ौती में हिस्ट्रीशीटर और नशा माफिया पर हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस का संदेश साफ है कि या तो वे अपराध का रास्ता छोड़ दें नहीं तो बचने के लिए उनके हर ठिकाने में अंधेरा कर दिया जाएगा.

























































