नई दिल्ली। करीब 1000 करोड़ रुपये के ऑनलाइन सट्टा गेम्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग में एक बड़ी कार्रवाई हुई है. दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु ज़ोनल कार्यालय ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सात मई को दिल्ली-NCR समेत बैंगलुरु एवं अन्य लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया.
इस सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी महत्वपूर्ण सबूतों को – दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस – को इकठ्ठा किया . जांच एजेंसी के सूत्र के मुताबिक ये मामला मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े उसके निदेशकों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अंजाम दिया गया.
पिछले साल एक दूसरे मामले में हुआ था सर्च ऑपरेशन
पिछले साल भी मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड समेत कुछ अन्य कंपनियों से जुड़े एक अन्य मामले में सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई हुई थी, लेकिन सात मई को जो ऑपरेशन हुआ है.. एक ऑनलाइन सट्टा गेम्स से जुड़ा ये एक दूसरा मामला है . इस केस में बैंगलोर स्थित स्थानीय पुलिस स्टेशन में पहले भी दर्जनों FIR दर्ज हुए थे जिसे बाद में ईडी ने टेकओवर कर अब आगे तफ्तीश की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है .
पुराने मामले की अगर बात करें तो धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 18 नवंबर 2025 से 22 नवंबर 2025 के बीच बेंगलुरु और गुरुग्राम में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. यह कार्रवाई मेसर्स निर्देशा नेटवर्क (M/s Nirdesa Networks Pvt. Ltd. (NNPL), मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (M/s Gameskraft Technologies Pvt. Ltd. (GTPL) के दफ्तरों और उनके निदेशकों व अन्य आरोपित/संदिग्ध व्यक्तियों के आवासीय परिसरों पर की गई थी.
ED ने यह जांच कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की. FIR में आरोप लगाया गया है कि NNPL द्वारा संचालित गेमिंग प्लेटफॉर्म Pocket52 बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी में शामिल था. आरोपों में गेम के नतीजों में हेरफेर, खिलाड़ियों की मिलीभगत, तकनीकी गड़बड़ियां, पैसे निकालने पर रोक और पारदर्शिता की कमी शामिल है.

























































