नई दिल्ली। दिल्ली विस्फोट मामले की जांच की आंच अल फलाह यूनिवर्सिटी तक पहुंची है। दिल्ली पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज की है। दोनों प्राथमिकियां यूजीसी और एनएएसी (National Assessment and Accreditation Council) की ओर से संज्ञान में लाई गई कथित अनियमितताओं को लेकर दर्ज की गई हैं। इस बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सरकार से अल फलाह यूनिवर्सिटी जैसे अन्य विश्वविद्यालयों की जांच कराने की मांग की है।
अल फलाह जैसे विश्वविद्यालयों की हो जांच
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने रविवार को कहा कि अल फलाह यूनिवर्सिटी जैसे विश्वविद्यालयों की जांच होनी चाहिए। दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। हमने एक यज्ञ का आयोजन किया जिसमें मारे गए लोगों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए कामना की गई। कई लोगों की जान लेने वाला यह हमला देश में बढ़ती हिंसा का चिंताजनक संकेत है।
इस्लाम और जिहाद के नाम पर हिंसा
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आगे कहा कि जिस तरह से ये लोग इस्लाम और जिहाद के नाम पर उत्पात, आतंक और बड़े पैमाने पर हिंसा फैला रहे हैं, वह चिंताजनक है। सरकार को अलफलाह जैसे बाकी विश्वविद्यालयों की भी जांच करानी चाहिए। इस बीच दिल्ली पुलिस ने दिल्ली विस्फोट मामले में आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की। दिल्ली पुलिस की जांच टीम रविवार को भी अल फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची और मामले की छानबीन की।
फंडिंग का खुलासा
इस बीच पीटीआई के मुताबिक, लाल किला कार विस्फोट मामले में खुफिया एजेंसियों ने 3 डॉक्टरों डॉ. उमर, डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन से जुड़े 20 लाख रुपये की फंडिंग ट्रेल का खुलासा किया है। खुफिया सूत्रों ने रविवार को बताया कि यह रकम हवाला नेटवर्क के जरिए जैश-ए-मोहम्मद के एक हैंडलर की ओर से भेजी गई थी। माना जा रहा है कि इसमें से लगभग 3 लाख रुपये 26 क्विंटल एनपीके उर्वरक खरीदने में खर्च किए गए जिससे विस्फोट बनाए जा सकते हैं।
अल फलाह यूनिवर्सिटी पर दबिश जारी
वहीं अल फलाह यूनिवर्सिटी पर एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। रविवार को यूपी एटीएस, दिल्ली पुलिस की टीम और फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम संयुक्त रूप से यूनिवर्सिटी पहुंची और अपनी तफ्तीश जारी रखी। फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की एक टीम रविवार को एक युवक को अल फलाह यूनिवर्सिटी लेकर पहुंची। यूजीसी और एनएएसी ने भी अल फलाह विश्वविद्यालय के कामकाज में बड़ी अनियमितताओं का खुलासा किया है। इस एंगल पर दिल्ली पुलिस एक्टिव है।

























































