नई दिल्ली: भारत 1 जनवरी, 2026 से ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने वाला है। भारत के हाथ में ब्रिक्स की कमान ऐसे समय पर आ रही है, जब अमेरिका के साथ तनातनी अपने जोरों पर है। भारत को अध्यक्षता ऐसे समय पर भी मिल रही है, जब अमेरिका ऐलान कर चुका है कि वह ब्रिक्स देशों पर टैरिफ लगाने वाला है। कुल मिलाकर वैश्विक राजनीति में मचे उथल-पुथल के बीच भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा। फिलहाल भारत की अध्यक्षता संभालने की वजह से ब्रिक्स को लेकर खूब चर्चा होने वाली है।
अगर आप यूपीएससी, एसएससी या फिर किसी सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो फिर आपको ब्रिक्स के बारे में मालूम होना चाहिए। ब्रिक्स को लेकर सरकारी परीक्षाओं में अक्सर ही सवाल पूछे जाते रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान भी इससे संबंधित सवालों का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि ब्रिक्स को समझने के बाद जवाब देना ज्यादा आसान हो जाता है। आइए जानते हैं कि ब्रिक्स क्या है, इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं, ये किस तरह बना और ये संगठन क्या करता है?
ब्रिक्स क्या है?
ब्रिक्स 11 देशों के जरिए मिलकर बनाया गया एक ग्रुप है। इन देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान शामिल हैं। ये ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एक राजनीतिक और राजनयिक समन्वय वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है। ब्रिक्स का मकसद इसके सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को मजबूत करना है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय शासन में ग्लोबल साउथ के देशों के प्रभाव को बढ़ाना है।
ये ग्रुप संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन जैसे वैश्विक संस्थानों में समानता और कुशलता में सुधार लाने की कोशिश करता है। इसके अलावा ब्रिक्स का मकसद सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। ब्रिक्स दुनिया की 40% से ज्यादा आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। इसके सदस्य देश दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं। इन देशों के बीच आपसी व्यापार 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का है। ये दिखाता है कि ब्रिक्स कितना प्रभावशाली ग्रुप है।

























































