नई दिल्ली। 1 अप्रैल को ‘वॉर लॉकडाउन’ (युद्ध के कारण लॉकडाउन) फ्रेज से संबंधित सर्च में अचानक हुई बढ़ोतरी ने ऑनलाइन भ्रम और चिंता पैदा कर दिया। एक बड़े पैमाने पर शेयर किए गए PDF डॉक्यूमेंट ने कई लोगों को ये मानने पर मजबूर कर दिया कि शायद नए प्रतिबंध लगने वाले हैं।
WhatsApp और X जैसे प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया ये मैसेज, देखने में एक आधिकारिक सरकारी नोटिस जैसा लग रहा था। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया भर में बढ़ते तनाव के बीच, इस डॉक्यूमेंट ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कई लोग ये सवाल करने लगे कि क्या भारत एक और लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है।
वायरल PDF में असल में क्या लिखा था?
‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ टाइटल वाला ये डॉक्यूमेंट, एक औपचारिक सरकारी आदेश जैसा दिखने के लिए डिजाइन किया गया था। इसका लेआउट और लहजा इसकी क्रेडेबिलिटी को बढ़ा रहा था, जिससे कई यूजर्स ने चिंता के मारे इसे खोलकर देखा।
हालांकि, जिन लोगों ने इस फाइल को खोला, उन्हें अंदर एक अलग ही सच्चाई देखने को मिली; इसमें ‘April Fool’ (अप्रैल फूल) शब्द बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा थे, जिससे ये साफ हो गया कि यह कोई आधिकारिक निर्देश नहीं, बल्कि एक मजाक था।
इसके फैलने का समय भी इसकी गंभीरता को बढ़ा रहा था। जब दुनिया भर में पहले से ही अनिश्चितता का माहौल था, तब ये मैसेज बहुत तेजी से फैल गया, इससे पहले कि यूजर्स को ये एहसास होता कि ये एक अफवाह है।
ये अफवाह इतनी तेजी से क्यों फैली?
ऐसा माना जा सकता है कि इस वायरल मैसेज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों से बल मिला।
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने वेस्ट एशिया में बदलती स्थिति के बारे में बात की और लोगों से तैयारी और एकता बनाए रखने को कहा। उन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान लोगों द्वारा दिखाए गए अनुशासन का जिक्र किया और नागरिकों और राज्यों से सतर्क रहने और ये सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सप्लाई चेन सुचारू रूप से चलती रहें।
हालांकि उन्होंने लॉकडाउन का कोई ज़िक्र नहीं किया था, लेकिन उनके संदेश के कुछ हिस्सों की गलत व्याख्या की गई और उन्हें ऑनलाइन तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। इस तरह ‘COVID-19 जैसे अनुशासन’ की बात को संभावित प्रतिबंधों की अटकलों में बदल दिया गया।
वैश्विक पृष्ठभूमि ने चिंता को और बढ़ा दिया
ये भ्रम ऐसे समय में पैदा हुआ है, जब इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष और तेज हो गया है और इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल हो गया है।
तेल की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मूज में दिक्कतों की आशंकाओं ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। खास तौर पर भारत जैसे उन देशों के लिए जो एनर्जी इंपोर्ट पर बहुत अधिक निर्भर हैं। ऐसे में एक छोटा सा मजाकिया मैसेज भी लोगों के अंदर चिंता बढ़ाने के लिए काफी था।
एक मजाक जिसने लोगों को डरा दिया
‘वॉर लॉकडाउन’ वाला मैसेज एक ‘अप्रैल फूल’ का मजाक ही निकला। लेकिन इसके तेजी से फैलने की घटना ने ये दिखा दिया कि ग्लोबल टेंशन के माहौल में गलत जानकारी कितनी आसानी से और तेजी से फैल सकती है।
कई यूजर्स के लिए, इस घटना ने एक सबक का काम किया कि किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए। खासकर तब जब वह कोई आधिकारिक संदेश जैसा दिखता हो।

























































