नई दिल्ली: शनि देव को कर्मफल दाता कहा जाता है. उनको न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है. ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. उनके गोचर से सभी 12 राशियों के जातक प्रभावित होते हैं. शनि हर ढाई साल में गोचर यानी राशि परिवर्तन करते हैं, लेकिन समय-समय पर नक्षत्र परिवर्तन करते रहते हैं. आज शनि देव ने अपनी चाल बदली है.
उन्होंने उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश किया. यहां शनि 17 अप्रैल गोचर करेंगे. इस नक्षत्र का स्वामित्व शनि देव के पास ही है. ज्योतिषविदों के अनुसार, शनि देव का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तीसरे चरण में गोचर करना इन तीन राशि वालों के लिए बड़ा लाभदायक साबित हो सकता है. वर्तमान में ये तीनों राशि के जातक साढ़ेसाती और ढैय्या से परेशान हैं. आइए जानते हैं ये तीन राशियां कौन सी हैं?
मेष राशि
मेष मंगल की राशि है. इस राशि के जातकों पर वर्तमान समय में शनि देव की साढ़ेसाती का प्रभाव है. शनि का ये नक्षत्र पद परिवर्तन मेष राशि वालों को कई शुभ परिणाम दे सकता है. लंबे समय से चल रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं. नौकरी के क्षेत्र में लाभ हो सकता है. भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है.
सिंह राशि
सिंह राशि के स्वमी सूर्य देव हैं. इस राशि के जातकों पर शनि देव की ढैय्या का प्रभाव है. शनि का ये नक्षत्र पद परिवर्तन सिंह राशि वालों के लिए बड़ा कल्याणकारी रह सकता है. इस समय आर्थिक स्थिति अच्छी रह सकती है. कारोबारी जातकों को लाभ हो सकता है. संतान की ओर से कोई अच्छा समाचार मिल सकता है.
धनु राशि
धनु गुरु की राशि है. इस राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है. शनि की ये बदली चाल धनु राशि वालों के निवेश के अच्छे अवसर ला सकती है. परिवार और रिश्तेदारों से संबंध अच्छे हो सकते हैं.

























































