नई दिल्ली। क्या आपको भी हाल ही में ऐसा SMS आया है जिसमें लिखा था “आपका पार्सल डिलीवरी के लिए तैयार है, कृपया 12 घंटे के अंदर अपना एड्रेस अपडेट करें. वरना पैकेज वापस कर दिया जाएगा”? अगर हां तो सतर्क हो जाइए! यह मैसेज असली नहीं, बल्कि एक धोखाधड़ी (फिशिंग स्कैम) का हिस्सा है.
PIB Fact Check ने इस वायरल मैसेज को फेक बताया है. भारत सरकार के प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने चेतावनी दी है कि इंडिया पोस्ट ऑफिस कभी भी किसी ग्राहक से एड्रेस अपडेट करने या किसी लिंक पर क्लिक करने को नहीं कहता. यह एक साइबर फ्रॉड है जो लोगों की बैंक डीटेल्स और निजी जानकारी चोरी करने के लिए रचा गया है.
कैसे होता है यह ‘एड्रेस अपडेट’ वाला स्कैम?
साइबर ठग ऐसे SMS भेजते हैं जिनमें लिखा होता है कि “आपका पार्सल डिलीवरी के लिए तैयार है, कृपया एड्रेस अपडेट करें.” इसमें एक लिंक दिया जाता है, जो देखने में “India Post” जैसा लगता है, लेकिन असल में यह एक फेक वेबसाइट होती है.
जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके मोबाइल या लैपटॉप में मैलवेयर (Malware) इंस्टॉल हो जाता है. यह मैलवेयर आपके टाइप किए गए हर शब्द जैसे पासवर्ड, कार्ड नंबर और PIN को रिकॉर्ड करता है. इसके बाद स्कैमर्स आपकी बैंक डिटेल्स तक पहुंचकर अनधिकृत ट्रांजैक्शन कर लेते हैं.
स्कैम की चालाकी: ‘सच्चा’ दिखाने की कोशिश
यह धोखाधड़ी बेहद योजनाबद्ध तरीके से की जाती है. संदेश में “12 घंटे में एड्रेस अपडेट करें वरना पैकेज वापस हो जाएगा” जैसी बात लिखी होती है ताकि लोगों में जल्दी करने का दबाव बने. फेक वेबसाइट पर जाकर जैसे ही आप एड्रेस भरते हैं. वह आपसे “री-डिलीवरी फीस” के नाम पर छोटा सा पेमेंट मांगती है. आप जैसे ही कार्ड डिटेल डालते हैं, वह डेटा स्कैमर्स के पास चला जाता है.
इन संकेतों से पहचानें फेक SMS
- अगर आप कोई पार्सल एक्सपेक्ट नहीं कर रहे हैं और अचानक ऐसा मैसेज आता है, तो यह निश्चित रूप से फेक है.
- असली सरकारी वेबसाइट हमेशा gov.in या nic.in से खत्म होती है.
- कोई भी डिलीवरी एजेंसी एड्रेस अपडेट के लिए लिंक नहीं भेजती, वे केवल आधिकारिक ट्रैकिंग पोर्टल पर ही जानकारी देती हैं.
- “तुरंत कार्रवाई करें” या “12 घंटे में लिंक क्लिक करें” जैसी भाषा हमेशा फेक मैसेज में होती है.
- क्या करें अगर क्लिक हो गया या पेमेंट कर दिया
- लिंक तुरंत डिलीट करें और SMS को शेयर न करें.
- अगर आपने कोई पेमेंट किया है, तो तुरंत अपनी बैंक या कार्ड कंपनी से संपर्क करें और कार्ड ब्लॉक करवाएं.
- 1930 पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर कॉल करें.
- घटना की रिपोर्ट https://sancharsaathi.gov.in/sfc/
- (सरकार का ‘Chakshu’ पोर्टल) पर करें या स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं.
PIB की सलाह
PIB ने साफ कहा है कि India Post कभी भी ग्राहकों को एड्रेस अपडेट करने के लिए कोई लिंक नहीं भेजता. असली डिलीवरी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in पर जाएं. ऐसे संदेशों से सतर्क रहें, क्योंकि साइबर अपराधी अब सरकारी नामों और लोगो का भी दुरुपयोग करने लगे हैं ताकि आप धोखे में आ जाएं.

























































