नई दिल्ली। 6 नवंबर 2025, दिन गुरुवार से मार्गशीर्ष का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन से शुरू होने वाला यह महीना हिंदू कैलेंडर का नौवां महीना है। शास्त्रों में इस माह का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भागवत गीता में कहा है कि “मासानां मार्गशीर्षोऽहम्” यानी महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं।
पूरा मार्गशीर्ष महीना (Margashirsha Month 2025) भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना, जप, तप और दान के लिए बहुत शुभ माना गया है। इस माह में दीपदान का विधान है। अगर आप सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, तो मार्गशीर्ष माह में घर के इन पवित्र स्थानों पर दीपक जरूर जलाएं।
मार्गशीर्ष महीने में दीपदान का महत्व
मार्गशीर्ष के दौरान दीपदान करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। दीपक अंधकार को दूर कर प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा लाता है। माना जाता है कि सही स्थान पर दीप प्रज्वलित करने से घर के वास्तु दोष, नकारात्मकता और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
इन स्थानों में जलाएं दीपक
तुलसी के पास
तुलसी को हरिप्रिया कहा जाता है। पूरे मार्गशीर्ष महीने में विशेषकर शाम के समय तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जरूर जलाएं। इस उपाय को करने से धन-धान्य की कमी नहीं होती है। साथ ही घर में सुख-शांति आती है।
मुख्य द्वार
मार्गशीर्ष महीने में प्रतिदिन घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाने से जीवन में शुभता आती है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर भागती है। साथ ही इससे आर्थिक बाधाएं भी दूर होती हैं।
पीपल के पास
इस दौरान पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जरूर जलाना चाहिए। पीपल में सभी देवी-देवताओं और पितरों का वास माना गया है। कहा जाता है कि पीपल के नीचे दीपदान करने से पितृ दोष शांत होता है और भाग्य मजबूत होता है।
मंदिर
मार्गशीर्ष महीने में मंदिर में जाकर दीपदान करना मोक्षदायी माना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के मंदिर में दीपक जलाने से सभी पापों का नाश होता है और बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।

























































