नई दिल्ली: अगले वित्त वर्ष 2027 के बजट का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और इसे पेश होने में अब बस दो ही दिन बचे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार 1 फरवरी को इसे पेश करेंगी। हर साल की तरह इस बार भी हर राज्य की नजरें लगी हुई हैं कि उन्हें बजट से क्या मिलेगा।
हालांकि इस बार उन राज्यों पर खास नजरें रहेंगी, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस साल पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में चुनाव होना है। इससे पहले के बजटों के हिसाब से एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार भी बजट में राजनीतिक संकेत मिल सकते हैं।
क्या हुआ था चार साल पहले?
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में पिछली बार वर्ष 2021 में चुनाव हुए थे। उस समय का बजट संकेतों से भरा हुआ था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की पारंपरिक लाल-पाड़ साड़ी पहनी थी और अपने भाषण में रवींद्रनाथ टैगोर का भी जिक्र किया था। सिर्फ इतना ही नहीं कई बड़े वित्तीय ऐलान भी हुए थे।
तमिलनाडु को सड़क और हाइवे प्रोजेक्ट्स के लिए ₹1.03 लाख करोड़ मिले थे। इनमें मदुरै–कोल्लम कॉरिडोर और चित्तूर–थच्चूर कॉरिडोर भी थे, जिनका निर्माण वर्ष 2022 में शुरू होना था। केरल को ₹65,000 करोड़ मिले, जिसमें मुंबई–कन्याकुमारी कॉरिडोर का 600 किमी लंबा हिस्सा शामिल था। पश्चिम बंगाल में कोलकाता–सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले आर्थिक कॉरिडोर समेत ₹25,000 करोड़ के हाईवे प्रोजेक्ट्स का ऐलान हुआ। असम को ₹34,000 करोड़ मिले।
इस बजट में पश्चिम बंगाल और असम में चाय बागान के ₹1,000 करोड़ की एक वेलफेयर स्कीम का भी प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें महिलाओं पर फोकस अधिक रहा। पूर्वी मिदनापुर के पेटुआघाट में एक फिशिंग हार्बर और 11.5 किमी के कोच्चि मेट्रो के दूसरे चरण की भी ऐलान हुआ जिसकी अनुमानित लागत ₹1,957 करोड़ आंकी गई।
आगे भी जारी रहा पैटर्न
साल 2024 यानी जिस साल लोकसभा चुनाव हुए थे, उस साल बिहार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए ₹11500 करोड़ मिले थे। इसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एनडीए के एक प्रमुख सहयोगी के तौर पर बनाए रखने के कदम के तौर पर जोड़ा गया। इसके अलावा बिहार को ₹26 हजार करोड़ के हाइवे प्रोजेक्ट भी मिले। आंध्र प्रदेश को भी अमरावती के विकास के लिए₹15 हजार करोड़ मिले, जिसे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को एनडीए से जोड़ने के तौर पर देखा गया।
ऐसा ही रुझान पिछले साल के बजट में भी दिखा, जब बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल था। वित्त मंत्री ने मधुबनी साड़ी पहनकर बजट पेश किया। बजट में मखाना बोर्ड बनाने, पटना एयरपोर्ट के विस्तार, बिहटा में एक ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट और 4 नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स का ऐलान हुआ।
साथ ही मिथिलांचल इलाके में वेस्टर्न कोसी कैनाल ईआरएम प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय मदद का प्रस्ताव पेश किया गया, जिससे करीब 50,000 हेक्टेयर जमीन पर खेती करने वाले किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई। इसके अलावा बिहार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, आंत्रप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट के सेटअप और राज्य में आईआईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का भी ऐलान किया गया।
इससे पहले 2023 में भी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले पेश किए गए बजट में बड़े पैमाने पर टैक्स में राहत दी गई थी। टैक्स रिबेट की सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹7 लाख कर दी गई, जिसे चुनावों से जोड़ा गया था।

























































