नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे की हो रही है, वह है, कौन बनेगा BJP का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने के बाद पार्टी का सबसे बड़ा संगठनात्मक काम अब इसी कुर्सी को भरना है। अमित शाह और राजनाथ सिंह पहले ही साफ कर चुके हैं कि BJP अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बिहार चुनाव के बाद ही करेगी। यह भी उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय में RSS का कोई दखल नहीं होगा और पार्टी अध्यक्ष पूरी तरह BJP के अंदरूनी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से तय किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि BJP के शीर्ष पद के लिए कौन सबसे आगे है, किसके पास संगठन का अनुभव है और किसे मोदी-शाह का भरोसा हासिल है। पार्टी के भीतर 5 प्रमुख नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं, जबकि दो और नाम लगातार चर्चा में बने हुए हैं। आइए समझते हैं कि BJP अध्यक्ष की रेस किस दिशा में बढ़ रही है और अगले कुछ दिनों में तस्वीर कैसे साफ हो सकती है।
जेपी नड्डा के बाद कौन?
जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 में ही समाप्त हो चुका था। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उनकी अवधि 30 जून 2024 तक बढ़ा दी गई थी। लेकिन नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू न हो पाने के कारण वे अभी भी पद पर बने हुए हैं। पिछले कुछ महीनों से यह भी कहा जा रहा था कि BJP और RSS के बीच इस मुद्दे पर किसी प्रकार के मतभेद हैं, लेकिन अगस्त में RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने यह धारणा साफ तौर पर खारिज कर दी। उनका कहना था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला BJP खुद करेगी।
इस बीच पार्टी के भीतर बैठकों का दौर तेज हो चुका है। संगठन चुनाव समिति के अध्यक्ष के लक्ष्मण की अमित शाह से मुलाकात और दिल्ली में जेपी नड्डा द्वारा आयोजित रात्रिभोज ने चर्चाओं को और हवा दे दी है।
अमित शाह और राजनाथ सिंह ने भी बिहार चुनाव के दौरान दिए इंटरव्यू में कहा था कि बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार चुनाव के बाद घोषित किया जाएगा। दोनों नेताओं ने यह भी साफ किया था कि आरएसएस (RSS) पार्टी के राजनीतिक निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं करता। भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला पार्टी ही करेगी।
BJP अध्यक्ष की रेस में कौन सबसे आगे? 5 नाम सबसे मजबूत
धर्मेंद्र प्रधान – संगठन के साइलेंट स्ट्रैटेजिस्ट
धर्मेंद्र प्रधान (उम्र 55) BJP के उन नेताओं में हैं जो संगठन और सरकार दोनों में बेहद संतुलित छवि रखते हैं। OBC फेस, शांत स्वभाव, और हर राज्य में स्वीकार्य नेता होने की वजह से ये मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वे 1983 में ABVP से जुड़े और बाद में शिक्षा मंत्री सहित कई मंत्रालय संभाल चुके हैं। UP विधानसभा चुनाव 2022 में BJP की जीत की रणनीति में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। किसी गुट से विरोध न होना इनके पक्ष में जाता है।
मनोहर लाल खट्टर – मोदी-शाह के सबसे भरोसेमंद साथी
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर (उम्र 71) RSS पृष्ठभूमि से आते हैं। 1990 के दशक से PM मोदी के बेहद करीबी रहे हैं। ईमानदार और शांत छवि, संगठनात्मक अनुशासन और लंबे प्रशासनिक अनुभव की वजह से वे एक मजबूत विकल्प हैं। हाल ही में हरियाणा की सत्ता से हटाए जाने के बाद माना जा रहा है कि उन्हें अब BJP संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
शिवराज सिंह चौहान – RSS की पसंद और जनता के बीच सबसे पॉपुलर चेहरा
चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, छह बार सांसद और ‘लाड़ली बहना’ जैसी योजनाओं के जनक शिवराज सिंह चौहान (उम्र 65) BJP के सबसे बड़े मास-लीडर चेहरों में से एक हैं। RSS का मजबूत समर्थन और संगठन में लंबा अनुभव इन्हें अध्यक्ष पद की रेस में बेहद आगे रखता है। 13 साल की उम्र में RSS से जुड़े और इमरजेंसी में जेल भी गए। ओबीसी कैटेगरी से आते हैं, जिसकी वजह से सामाजिक संतुलन के लिहाज से भी इनका नाम अहम है।
सुनील बंसल – अमित शाह की टीम के स्ट्रैटेजिक मास्टरमाइंड
सुनील बंसल (उम्र 55) भाजपा संगठन के सबसे प्रभावशाली और कम दिखने वाले लेकिन अत्यंत प्रभावी नेताओं में गिने जाते हैं। UP में 2014 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के पीछे इनका महत्वपूर्ण दिमाग माना जाता है। वर्तमान में वे राष्ट्रीय महासचिव हैं और ओडिशा, बंगाल, तेलंगाना के प्रभारी हैं। ABVP और RSS बैकग्राउंड और मजबूत मैनेजमेंट स्किल्स की वजह से वे अध्यक्ष पद की दौड़ में गंभीर दावेदार हैं।
जी. किशन रेड्डी – भरोसेमंद, लो-प्रोफाइल लेकिन बेहद अनुभवी नेता
तेलंगाना से आने वाले G. किशन रेड्डी (उम्र 64) पार्टी और संगठन दोनों में लंबा अनुभव रखते हैं। कोयला मंत्री हैं और पहले आंध्र प्रदेश और अब तेलंगाना BJP अध्यक्ष रह चुके हैं। 1977 से राजनीति में सक्रिय और 1980 में BJP में शामिल हुए। PM मोदी के सबसे भरोसेमंद दक्षिण भारतीय चेहरों में से एक।
बी.एल. संतोष-संगठन का सबसे मजबूत स्तंभ
इसके अलावा बी.एल. संतोष का भी नाम चर्चा में है। बी.एल. संतोष संगठन का सबसे मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। BJP के संगठन महासचिव और RSS की पृष्ठभूमि से आने वाले बी.एल. संतोष (उम्र 58) कर्नाटक से ताल्लुक रखते हैं। संगठन की गहरी समझ और मोदी-शाह की कोर टीम का हिस्सा होने के कारण कई लोग इन्हें शीर्ष पद का संभावित विकल्प मानते हैं।
कैसे होता है BJP अध्यक्ष का चुनाव? प्रक्रिया जानिए
इलेक्टोरल कॉलेज बनता है: राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषद के सदस्य मिलकर इलेक्टोरल कॉलेज का गठन करते हैं। यही इलेक्टोरल कॉलेज अध्यक्ष का चुनाव करता है।
नामांकन प्रक्रिया: राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा तय नियमों के अनुसार नॉमिनेशन फॉर्म भरा जाता है।
पात्रता
- कम से कम 15 साल की प्राथमिक सदस्यता
- 20 प्रस्तावक
- कम से कम 5 राज्यों से प्रस्ताव
वोटिंग और काउंटिंग: जरूरत पड़ने पर वोटिंग होती है और बैलेट बॉक्स दिल्ली लाए जाते हैं।
कार्यकाल: 3 साल का कार्यकाल, अधिकतम 2 टर्म यानी 6 साल तक।
UP में भी बड़ी हलचल, दिसंबर में बड़ा फैसला संभव
मोदी फैक्टर के चलते UP BJP संगठन में भी तेज बदलाव की तैयारी है। UP के नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव दिसंबर में तय होने की संभावना है और इसी के साथ राष्ट्रीय परिषद में PM मोदी व अन्य वरिष्ठ नेता औपचारिक रूप से चुने जाएंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला और तेज होने की उम्मीद है।
आने वाले कुछ दिनों में पार्टी की बैठकों का दौर और तेज होगा। संकेत बताते हैं कि BJP उच्च नेतृत्व अब संगठन को 2027 के रोडमैप के हिसाब से रीसेट करना चाहती है। ऐसे में नया राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ एक पद नहीं बल्कि आने वाले वर्षों की पूरी राजनीतिक दिशा तय करेगा।

























































