नई दिल्ली: भारत ने अमेरिका, रूस और चीन की तरह अपना खुद का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर बनाने के सपने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय को भारत के अगले पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास और निर्माण के लिए 7 भारतीय कंपनियों से बोलियां मिली हैं। यह विमान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम का हिस्सा होगा। L&T, HAL, Adani Defence, Tata Advanced Systems Ltd और Kalyani Strategic Systems जैसी बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हैं। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अनुसंधान और विकास कार्यक्रम है।
इसका मुख्य लक्ष्य 2030 के दशक के मध्य तक भारत का मुख्य हवाई मंच बनने वाले नए, पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाना है। इन बोलियों की जांच पूर्व DRDO मिसाइल वैज्ञानिक ए. शिवथानु पिल्लई की अध्यक्षता वाली एक समिति करेगी। यह कार्यक्रम एक प्रतिस्पर्धी मॉडल पर आधारित है। इसमें घरेलू निजी कंपनियां और स्थापित सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाएं एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी। कंपनियों को AMCA डिजाइन को अपनाने की तकनीकी क्षमता और उत्पादन का पर्याप्त अनुभव दिखाना होगा।
यह समिति तकनीकी और व्यावसायिक विवरणों की गहराई से जांच करेगी। इसके बाद ही वह अपनी सिफारिशें देगी। यह कार्यक्रम भारत के सैन्य अनुसंधान और विकास के इतिहास में सबसे बड़ा है। इसमें घरेलू निजी कंपनियां और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करेंगी।
प्रोटोटाइप बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अंतिम ऑर्डर लाखों करोड़ रुपये का होगा। बोली लगाने वाली कंपनियों को यह साबित करना होगा कि उनके पास AMCA डिजाइन को समझने की तकनीकी क्षमता है। साथ ही, उन्हें विकास, इंजीनियरिंग, निर्माण, उपकरण लगाने और परीक्षण जैसे क्षेत्रों में पर्याप्त अनुभव होना चाहिए।
क्या है एडवांस टेक्नीक?
नए जेट में नवीनतम सैन्य तकनीकें होंगी। इनमें स्टील्थ सुविधाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एकीकरण और लंबी दूरी तक निशाना साधने की क्षमता शामिल है। ये विमान मानवरहित प्रणालियों के साथ मिलकर भी काम कर सकेंगे। योजना के अनुसार, सीरियल उत्पादन से पहले चार से पाँच प्रोटोटाइप विमान बनाए जाएंगे। फिर उनका परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा।

























































