नई दिल्ली: चंद्र ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जिसे सिर्फ खगोल शास्त्र के जानकार ही नहीं, बल्कि आम लोग भी बहुत रोमांच के साथ देखते हैं। इस बार आज यानी कि 3 मार्च 2026 पूर्ण चंद्र ग्रहण पड़ रहा है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिलेगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान लोगों के मन में कुछ शंकाए रहती हैं, जिनके बारे में यहां हम आपको जानकारी देंगे। इन लोग शंकाओं में सबसे अहम है कि ग्रहण के दौरान चांद लाल क्यों दिखता है। इस लेख में हम आपको ग्रहण का पूरा समय, इसका कारण और चांद का लाल रंग क्यों दिखता है, इन सबका वैज्ञानिक उत्तर विस्तृत रूप से बताएंगे।
कब से कब तक रहेगा ग्रहण?
- चंद्र ग्रहण प्रारंभ होने का समय दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर
- चंद्र ग्रहण का खग्रास प्रारंभ शाम में 4 बजकर 34 मिनट पर
- ग्रहण का मध्य दोपहर में 5 बजकर 33 मिनट पर
- चंद्र ग्रहण समाप्त दोपहर में 6 बजकर 47 मिनट पर
- चंद्रग्रहण का खग्रास कुल 59 मिनट का रहेगा
कब होता है चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चांद के बीच आ जाती है, और पृथ्वी की छाया चांद पर पड़ती है। इससे चांद को सीधे सूर्य की रोशनी नहीं मिल पाती और वो अंधेरी अवस्था में चला जाता है।
क्यों लाल हो जाता है चांद?
जब चांद पृथ्वी की छाया में होता है, तो सीधे सूर्य की रोशनी उस तक नहीं पहुंच पाती। लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल में से गुजरते समय सूर्य की रोशनी के छोटे तरंगदैर्ध्य जैसे नीला और हरा फैल जाते हैं और बड़े तरंगदैर्ध्य लाल और नारंगी सीधे चांद तक पहुंचते हैं। इस प्रक्रिया को Rayleigh scattering कहते हैं।
जैसा कि सूर्यास्त के समय सूरज लाल दिखता है, उसी तरह पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की रोशनी को फिल्टर करता है, और जब सिर्फ लाल और नारंगी रोशनी चांद तक पहुंचती है, तब चांद लाल-भूरे रंग का दिखाई देता है। यही वजह है कि ग्रहण के समय चांद का रंग ब्लड मून की तरह दिखता है।
क्या इसे देखना सही है?
चंद्र ग्रहण को देखना पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि इसमें सूर्य की रोशनी सीधे आपकी आंखों में नहीं आती। यह सूर्य ग्रहण से बिल्कुल अलग है। इसलिए चंद्र ग्रहण को सीधे देखना आंखों के लिए हानिकारक नहीं है और आप इसे खुले आसमान के नीचे आराम से देख सकते हैं। बच्चों के लिए भी चंद्र ग्रहण देखने में कोई खतरा नहीं है। आप उन्हें भी खुली जगह, जैसे बालकनी या खुला मैदान, में लेकर जा सकते हैं ताकि ग्रहण का दृश्य आराम से देखा जा सके।

























































