नई दिल्ली। क्या फिर से लॉकडाउन लगेगा? क्या फिर से मास्क पहनना होगा? अटलांटिक क्रूज शिप पर फैले हंतावायरस को देख अब लोगों के मन में इसी तरह के सवाल आ रहे हैं। इस वायरस से हुई मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वायरस कोविड-19 की तरह फैलेगा?
इन्हीं सभी सवालों का जवाब देते हुए WHO के गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेस का आयोजन किया। इस दौरान वैश्विक महामारी प्रबंधन की निदेशक डॉ. मारिया वैन केरखोव ने यह साफ किया, “यह न तो कोविड है और न ही इन्फ्लूएंजा, यह वायरस बहुत अलग तरीके से फैलता है।”
उन्होंने कहा कि, “फिलहाल जहाज पर कोई भी लक्षण वाला यात्री या चालक दल का सदस्य नहीं है। एंडीज वायरस के पिछले मामलों में, इंसानों-से-इंसानों में संक्रमण मुख्य रूप से करीबी संपर्कों के जरिए ही हुआ था।”
WHO ने क्या कहा?
डब्ल्यूएचओ के इमरजेंसी हेल्थ प्रोग्राम के अलर्ट और रिस्पॉन्स कॉर्डिनेशन विभाग के निदेशक डॉ. अब्दिरहमान महमूद ने बताया कि इससे पहले साल 2018-19 में अर्जेंटीना में भी ऐसे हालात सामने आए थे, जहां एक संक्रमित व्यक्ति के सामाजिक समारोह में भाग लेने के बाद कई लोग संक्रमित हो गए थे। हाल ही में सामने आए मामले में भी ऐसा ही देखने को मिला है, जहां एक जगह में और क्लोज कॉन्टैक्ट के कारण संक्रमण के मामले सामने आए हैं।”
उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर हम कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और आइसोलेशन जैसे उपायों का पालन करते हैं, तो हम संक्रमण की इस कड़ी को तोड़ सकते हैं। फिलहाल किसी बड़ी महामारी की आशंका नहीं है।
हंतावायरस और कोविड-19 के अंतर
हंतावायरस और कोविड-19 के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि हंतावायरस मुख्य रूप से पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला रोग है, जबकि कोविड-19 एक बेहद संक्रामक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
हालांकि, दोनों ही गंभीर रेस्पिरेटरी संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं, लेकिन हंतावायरस हर एक मामले में काफी अधिक घातक होता है, हालांकि इसके महामारी का रूप लेने की संभावना बहुत कम होती है, क्योंकि यह लोगों के बीच बहुत तेजी से नहीं फैलता है।
























































