नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को कहा कि भारत नवाचार का देश है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच सच्ची साझेदारी है। मैक्रों यहां आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जिसका उद्घाटन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ किया। इस दौरान पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एक दूसरे के गले भी मिले।
मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों की तारीफ की
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, ”हम ‘मेक-इन-इंडिया’ पहल का सम्मान करते हैं। फ्रांस विभिन्न क्षेत्रों में इसका हिस्सा रहा है।” उन्होंने कहा, ”भारत नवाचार का देश है। एआई और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम क्षेत्रों में भारत-फ्रांस के बीच सच्ची साझेदारी है।” मैक्रों ने कहा, ”असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश है, जिसमें ‘स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स’ का क्षेत्र भी शामिल है।”
भारत इनोवेट्स 2026 क्या है?
‘भारत इनोवेट्स 2026’ भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे देश के ‘डीप-टेक स्टार्टअप’ और अनुसंधान उपक्रमों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम का मकसद भारत, फ्रांस और अन्य देशों के शीर्ष नवाचार स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड को साथ लाना है। मोदी फ्रांस की यात्रा पर हैं, जहां वह मैक्रों के साथ बातचीत करेंगे और जी-7 शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे।
पीएम मोदी ने इसे गौरवान्वित करने वाला पहल बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को गौरवान्वित करने वाला पल बताया। उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा, “आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि ये इनिशिएटिव उसी दिशा में एक कदम है। भारत इनोवेट्स का ये मंच भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां भारत के यंग माइंड्स को यूरोपियन एक्सपर्टीज से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। आज 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में एक स्टार्टअप रिवॉल्यूशन हो रहा है।
पीएम मोदी ने बताया भारत इनोवेट्स का मतलब
पीएम के अनुसार, इस रिवॉल्यूशन में भारत का नौजवान एक नए माइंडसेट के साथ मानवता के हित में समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है। हमारे नौजवानों के वर्ल्ड क्लास सोल्यूशन्स को वैश्विक मंच पर लाने का माध्यम ही है भारत इनोवेट्स। उन्होंने भारत को समाधान खोजने वाला कंज्यूमर नहीं बल्कि उसमें योगदान देने वाला देश बताया। बोले, “आज भारत, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर के रूप में उभर हो रहा है।”
पीएम मोदी ने भी भारत-फ्रांस संबंधों की तारीफ की
दोनों देशों के बीच संबंधों के विजन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा, “दुनिया के देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो एक सोच और विजन से आगे बढ़ते हैं। भारत और फ्रांस का रिश्ता भी ऐसा ही है। दोनों देशों के संबंध सिर्फ व्यापार या कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों, भरोसे और भविष्य के लिए एक जैसी सोच पर आधारित हैं।”
पीएम मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति का आभार जताया
प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, “हम दोनों देश हमेशा मिलकर चले हैं। इसी साल में ही इंडिया फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन की शुरुआत हुई है। और आज मुझे खुशी है कि भारत इनोवेट्स की शुरुआत भी हम फ्रांस के साथ कर रहे हैं। मैं अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रों का इस अवसर पर यहां आने के लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।”





























































