नई दिल्ली। भारत सरकार देश की खाद्य सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कल, यानी 18 जून को एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम’ (आधुनिक गोदाम व्यवस्था) की शुरुआत करने वाली है. इस खास कार्यक्रम में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.
क्या है स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम?
यह अनाज के रखरखाव और स्टोरेज को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने की एक नई तकनीक है. अब तक सरकारी गोदामों में अनाज का हिसाब-किताब और उसकी देखभाल ज्यादातर कागजों पर या मैन्युअल तरीके से होती थी. इस नई व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा.
इस नई तकनीक के मुख्य फायदे
अनाज की बर्बादी रुकेगी: गोदामों में विशेष सेंसर लगाए जाएंगे. ये सेंसर वहां के तापमान, नमी और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर पर लगातार नजर रखेंगे. अगर गोदाम में नमी बढ़ती है या चूहों का खतरा होता है, तो सिस्टम तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दे देगा.
सुरक्षा होगी मजबूत: गोदामों के मुख्य गेट और वजन तोलने वाले कांटे (वेब्रिज) पूरी तरह ऑटोमैटिक होंगे. गाड़ियों के नंबर पहचानने वाले कैमरे और चेहरा पहचानने वाली (फेस रिकग्निशन) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे अनाज की चोरी रुकेगी.
तुरंत मिलेगी जानकारी: अधिकारियों के पास एक डिजिटल डैशबोर्ड होगा. इस पर वे एक क्लिक में देख सकेंगे कि किस गोदाम में कितना अनाज रखा है और उसकी स्थिति कैसी है.
बेहतर काम करने वाले गोदामों को मिलेगा इनाम
इस कार्यक्रम के दौरान ‘डिपोट दर्पण’ रैंकिंग के तहत सबसे अच्छा काम करने वाले भारतीय खाद्य निगम (FCI) और केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के गोदामों को सम्मानित भी किया जाएगा. ‘डिपोट दर्पण’ एक ऐसा सिस्टम है जो गोदामों की साफ-सफाई, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और काम करने के तरीके को जांचकर उन्हें नंबर देता है.
यह नया प्रोजेक्ट सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’, ‘PM गतिशक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का हिस्सा है. इससे न सिर्फ अनाज सुरक्षित रहेगा, बल्कि राशन की दुकानों (PDS) तक सही समय पर और अच्छी गुणवत्ता का अनाज पहुंचेगा, जिससे देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों को सीधा फायदा होगा.


























































