नई दिल्ली। दांबुला में जारी ट्राई-सीरीज के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब भारतीय ओपनर वैभव सूर्यवंशी के एक विवादित फैसले ने मैदानी जंग को और भड़का दिया। अफगानिस्तान ए के खिलाफ मैच के दूसरे ही ओवर में एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने खेल भावना और अंपायरिंग के स्तर पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल पारी के दूसरे ओवर में अफगान स्पिनर शम्स उर रहमान की गेंद पर वैभव ने पॉइंट की दिशा में एक जोरदार शॉट खेला। वहां मुस्तैद फील्डर फरीदून ने अपनी बाईं ओर चीते जैसी छलांग लगाते हुए एक हाथ से अविश्वसनीय कैच लपक लिया। मैदान पर मौजूद हर शख्स को लगा कि भारतीय ओपनर की पारी का अंत हो चुका है।
तभी मैदानी अंपायर्स ने इस कैच की बारीकी जांचने के लिए फैसला थर्ड अंपायर की ओर रेफर कर दिया। टीवी रीप्ले में देखा गया कि जब फरीदून जमीन पर लैंड कर रहे थे, तब गेंद का मामूली सा हिस्सा घास को टच हो रहा था। बेनेफिट ऑफ डाउट का फायदा देते हुए थर्ड अंपायर ने वैभव को ‘नॉट आउट’ घोषित कर दिया।
इस चौंकाने वाले फैसले को स्क्रीन पर देखते ही पूरी अफगान टीम आपा खो बैठी। उन्होंने मैदानी अंपायर्स को घेर लिया और मैदान पर ही तीखी बहस शुरू हो गई। अफगान खिलाड़ियों का मानना था कि कैच पूरी तरह क्लीन था और कैमरे का एंगल भ्रम पैदा कर रहा था, जिससे मैच में काफी देर ड्रामा चलता रहा।
पिछले मैच में हुआ था हंगामा
वैभव सूर्यवंशी के लिए इस सीरीज में अंपायर्स या विरोधी टीम से उलझने का यह पहला मौका नहीं है। इससे ठीक पिछले मुकाबले में श्रीलंका ए के खिलाफ भी उनका श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे के साथ मैदान पर कड़ा टकराव हुआ था, जिसके बाद साथी प्लेयर्स को बीच में आना पड़ा था, इउस दौरान वैभव को उकसाया गया था।
क्यों नहीं हुआ था कोई एक्शन?
माना जा रहा था कि वैभव सूर्यवंशी के ऊपर एक्शन होगा लेकिन बीसीसीआई की तरफ से ऐसा कुछ नहीं किया गया। भारतीय बोर्ड के अनुसार प्लेयर्स को सीरीज के बीच में किसी तरह से परेशान नहीं करते हुए खेल पर फोकस रखने की रणनीति है। इस वजह से बोर्ड ने वैभव को खुलकर खेलने की आजादी देते हुए कोई एक्शन नहीं लिया। श्रीलंकाई बोर्ड ने अपने दो प्लेयर्स को दण्डित किया था।




























































