वॉशिंगटन: अमेरिका को ईरान पर हमला करना बहुत भारी पड़ा है। यह युद्ध अब भी जारी है और इसके जल्द समाप्त होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। इस बीच खुलासा हुआ है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिका की राजनयिक सुविधाओं को 184 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। इनमें 7 सैनिकों की मौत हुई है, जबकि 417 घायल हुए हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका को 52 लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी खोने पड़े हैं। अमेरिका के हथियारों का भंडार भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है और मध्य पूर्व में सैन्य अड्डों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
ईरान युद्ध में 52 अमेरिकी लड़ाकू विमान नष्ट
15 सितंबर को अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष प्रस्तुत पेंटागन के महानिरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 5 मई को समाप्त हुए 38 दिवसीय ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अभियान के दौरान 52 सैन्य विमान और ड्रोन या तो क्षतिग्रस्त हो गए या नष्ट हो गए। अमेरिका और इजरायल के इस संयुक्त अभियान का उद्देश्य ईरानी शासन और उसके सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त करना था। अमेरिका और इजरायल इसमें काफी हद तक कामयाब भी हुए और उन्होंने हमले की शुरुआत में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की उनके परिवार समेत हत्या कर दी थी।
ईरान से युद्ध में 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी युद्ध विभाग (DoW) ने हताहतों की संख्या का विवरण देते हुए बताया कि 1 मार्च को कुवैत के शुएबा बंदरगाह पर छह सैनिक शहीद हो गए। सातवां सैनिक उसी दिन सऊदी अरब में लापता हो गया। इसमें आगे कहा गया है कि जुलाई में चार अतिरिक्त सैन्यकर्मी – 3 जॉर्डन में और 1 इराक में – कार्रवाई में मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, 12 मार्च को इराक में एक केसी-135 दुर्घटना में छह लोग मारे गए और 1 जुलाई को अरब सागर में एक एमएच-60एस हेलीकॉप्टर दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई।
30 MQ-9, चार F-15E और एक F-35A नष्ट
अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM) ने विभिन्न मोर्चों पर नष्ट हुए 52 हवाई संपत्तियों का विवरण दिया, जिनमें 30 MQ-9 रीपर शामिल थे। चार F-15E लड़ाकू विमान नष्ट हुए, जिनमें से 3 मित्रवत गोलीबारी के कारण और 1 शत्रु की गोलीबारी के कारण नष्ट हुआ। ईरान के ऊपर शत्रु की गोलीबारी में एक F-35A लड़ाकू विमान नष्ट हो गया। एक A-10 हमलावर विमान लड़ाकू खोज और बचाव (सीएसएआर) अभियान से लौटते समय क्षतिग्रस्त हो गया और उसे नष्ट कर दिया गया। सऊदी अरब में ईरानी गोलाबारी के कारण पांच KC-135 ईंधन भरने वाले विमान क्षतिग्रस्त हो गए या नष्ट हो गए, जबकि इराक के ऊपर एक टक्कर में एक विमान क्षतिग्रस्त हो गया और दूसरा नष्ट हो गया।
E-3 सेंट्री अवाक्स विमान भी क्षतिग्रस्त
सऊदी अरब में ईरानी हमलों के दौरान जमीन पर मौजूद एक E-3 सेंट्री अवाक्स विमान क्षतिग्रस्त हो गगा। इसी अवधि में सात हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त, नष्ट या दुर्घटनाग्रस्त हो गए। बचाव अभियान के दौरान एक HH-60W हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त हो गया, बचाव अभियान के दौरान 4 AH-6 हेलीकॉप्टर नष्ट हो गए क्योंकि उन्हें रिकवर करना संभव नहीं था, और एक अन्य AH-6 हेलीकॉप्टर को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर मार गिराया गया। एक MH-60 हेलीकॉप्टर अरब सागर के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विभिन्न परिस्थितियों में नष्ट हुए 30 MQ-9 रीपर विमानों के अलावा, एक MQ-4C उच्च ऊंचाई वाला लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला मानवरहित विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
ईरान युद्ध की अनुमानित लागत 33.4 अरब डॉलर
रिपोर्ट में बताया गया है कि 29 जून तक, रक्षा मंत्रालय द्वारा इस अभियान की अनुमानित लागत 33.4 अरब डॉलर थी, जिसमें गोला-बारूद पर 22.3 अरब डॉलर खर्च किए गए थे। दस्तावेज़ में कहा गया है कि इराक, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं को ईरानी हमलों से भौतिक क्षति पहुंची है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 184 मिलियन डॉलर है। अकेले इराक को 157 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।



















































